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छावनी क्षेत्र के लोगों को मिल सकता है मालिकाना हक, अंग्रेजों के कानून को बदलकर नया कानून बनाने जा रहा रक्षा मंत्रालय

Tue, 29 Jun 2021 03:02 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 29 Jun 2021 03:02 AM IST
सार

  • कैंट की जमीन के लिए अंग्रेजों के कानून को बदलकर नया कानून लाने की तैयारी 
  • रक्षा मंत्रालय ने संशोधन के गजट का किया प्रकाशन, माह भर में मांगी लोगों से राय

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Cantonment area people can get ownership rights
cantonment

विस्तार

प्रयागराज समेत देश के 62 छावनी क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर। छावनी क्षेत्र में अब केवल बिल्डिंग पर हक रखने वाले लोगों को जमीन पर भी मालिकाना हक मिल सकता है। क्योंकि रक्षा मंत्रालय अंग्रेजों के जमाने के कानून को बदलकर छावनी ( कैंट) क्षेत्र की जमीन को लेकर एक नया कानून लाने जा रहा है। इस संबंध में रक्षा मंत्रालय ने संशोधन के गजट का प्रकाशन कर दिया है। इसे लेकर माह भर में ही लोगों से राय मांगी गई है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो छावनी क्षेत्र में जमीनों को लोग फ्री होल्ड करा सकेंगे। 

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Cantonment area people can get ownership rights
cantonment demo pic

2019 में एक सेवानिवृत्त आईएएस ने छावनी क्षेत्र की संपत्तियों के स्वामित्व हस्तांतरण की मंजूरी की रिपोर्ट बनाई थी। इसमें छावनी क्षेत्र की सम्पत्तियों के स्वामित्व हस्तांतरण की मंजूरी दी गई है। क्योंकि अभी तक छावनी की जमीन भारत सरकार की है और उसे बेचने, खरीदने की अनुमति नहीं है। वैसे भी छावनी क्षेत्र की जमीन को लेकर 1937 का छावनी भूमि प्रशासन एक्ट लागू है। इस एक्ट के तहत कैंट क्षेत्र की सैन्य और सिविल क्षेत्र की जमीन का लीज, खरीद-बिक्री आसान नहीं है। लेकिन रक्षा मंत्रालय द्वारा पूर्व में आईएएस अधिकारी द्वारा दी गई रिपोर्ट को देखने के बाद अब छावनी भूमि प्रशासन एक्ट 1937 में संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर गजट का प्रकाशन कर दिया गया है।

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Cantonment area people can get ownership rights
Army Cantonment demo
इसके तहत  कैंट क्षेत्र में जमीन, बिल्डिंग पर हक रखने वाले लोगों को जमीन पर भी मालिकाना हक मिल सकता है। संशोधन आदेश से छावनी में जमीनों को लोग फ्री होल्ड भी करा सकेंगे। लोगों का भवन बनाना, लीज किया जाना भी आसान हो जाएगा। साथ ही नामांतरण एवं  खरीद-बिक्री की प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी। रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव राकेश मित्तल की ओर से प्रस्ताव का प्रकाशन कर प्रयागराज समेत सभी कैंट बोर्ड और रक्षा संपदा अधिकारी को जारी कर दिया है। अगर 30 दिनों में इस प्रस्ताव पर कोई बड़ी आपत्ति नहीं आती है तो फैसले पर मुहर लग जाएगी। 

प्रयागराज छावनी में है छह हजार से अधिक संपत्तियां

प्रयागराज के न्यू कैंट, ओल्ड कैंट आदि इलाकों में छावनी परिषद और रक्षा संपदा विभाग की छह हजार से अधिक संपत्तियां हैं। छावनी परिषद प्रयागराज के सिविल क्षेत्र में तकरीबन 1200 संपत्तियां एवं सैन्य क्षेत्र में पांच हजार के आसपास संपत्तियां हैं। इसके अलावा प्रदेश में बरेली, मेरठ, लखनऊ, कानपुर, आगरा, गोरखपुर आदि शहरों में भी छावनी परिषद के अधीन हजारों की संख्या में संपत्तियां हैं।

मौजूदा एक्ट में सेना नहीं चाहती बदलाव
सूत्रों का कहना है कि मौजूदा कैंट एक्ट में सेना बदलाव नहीं चाहती है। आशंका जताई जा रही है कि अगर संशोधन आदेश लागू हुआ तो छावनी में फ्री होल्ड कराने में कुछ रसूखदार इसका ज्यादा फायदा उठा सकते हैं। 

रक्षा मंत्रालय ने छावनी भूमि प्रशासन एक्ट 1937 में संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर गजट का प्रकाशन किया है। यह लागू होगा या नहीं, इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। - माने अमित कुमार बाबू राव, सीईओ, प्रयागराज छावनी परिषद।
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