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Prayagraj News: आरआरसी दफ्तर के बाहर गरजे अभ्यर्थी, नारेबाजी
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प्रयागराज। रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ (आरआरसी ) दफ्तर के बाहर रेलवे ग्रुप डी की परीक्षा दे चुके अभ्यर्थियों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों का कहना था कि ग्रुप डी की भर्ती के लिए उनका चयन हुआ। मेडिकली भी वे फिट हैं, लेकिन अभिलेखीय सत्यापन के लिए महीनों से पैनल गठित नहीं किया जा रहा है। वहां बताया जा रहा है कि पद खत्म हो गए हैं, जबकि ग्रुप डी के 575 पद अभी रिक्त हैं।
दरअसल आरआरसी की ओर से वर्ष 2019 में 4730 पदों की भर्ती शुरू हुई। बाद में इसे 4651 पदों पर संशोधित किया गया। वर्ष 2022 में सीबीटी (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट )परीक्षा हुई। तब एक पद के सापेक्ष तीन गुना 13202 अभ्यर्थी दिसंबर 2022 में सफल हुए। उन सभी की शारीरिक दक्षता परीक्षा डीएसए ग्राउंड प्रयागराज में हुई। इसमें 7995 अभ्यर्थी दौड़ में पास हुए। इसमें चिकित्सीय परीक्षण के लिए 4651 लोगों को बुलाया गया। इसमें कुछ अनुपस्थित हुए तो 114 चिकित्सीय परीक्षण में फेल हो गए। बाद में कुल 4076 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया। इस तरह से जितनी पोस्ट थी उसके सापेक्ष एक-एक अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। इसमें अधिकांश बच्चे ए टू, ए थ्री, बी वन चिकित्सीय स्टैंर्ड को पास कर चुके हैं। इस स्टैंर्ड के तहत अभ्यर्थी प्रत्येक पद के लिए अर्हता रखते हैं। ऐसे में उन्हें किसी पद के लिए यह कह कर नकारा नहीं जा सकता कि बोर्ड के पास पद नहीं है। 500 से अधिक पद खाली होने के बावजूद लगभग 150 अभ्यर्थियों को ''नो पोस्ट'' ( पद नहीं है) बताकर अंतिम चयन से बाहर कर दिया गया है। अब ये हताश अभ्यर्थी अपना चयन न होने का आधार और कारण पूछने के लिए पिछले चार दिनों से आरआरसी कार्यालय लगातार पहुंच रहे हैं, लेकिन चेयरमैन अनुराग सचान उनसे नहीं मिल रहे हैं। इसी वजह से मंगलवार को अभ्यर्थियों का धैर्य जवाब दे गया तो मुख्यालय के बाहर उन्होंने अपना विरोध जताया। यहां तमाम अभ्यर्थी राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड आदि राज्यों से आए हुए हैं। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि उनकी समस्या हल करने के लिए रेलवे का कोई भी अफसर उनसे नहीं मिल रहा है।
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दरअसल आरआरसी की ओर से वर्ष 2019 में 4730 पदों की भर्ती शुरू हुई। बाद में इसे 4651 पदों पर संशोधित किया गया। वर्ष 2022 में सीबीटी (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट )परीक्षा हुई। तब एक पद के सापेक्ष तीन गुना 13202 अभ्यर्थी दिसंबर 2022 में सफल हुए। उन सभी की शारीरिक दक्षता परीक्षा डीएसए ग्राउंड प्रयागराज में हुई। इसमें 7995 अभ्यर्थी दौड़ में पास हुए। इसमें चिकित्सीय परीक्षण के लिए 4651 लोगों को बुलाया गया। इसमें कुछ अनुपस्थित हुए तो 114 चिकित्सीय परीक्षण में फेल हो गए। बाद में कुल 4076 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया। इस तरह से जितनी पोस्ट थी उसके सापेक्ष एक-एक अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। इसमें अधिकांश बच्चे ए टू, ए थ्री, बी वन चिकित्सीय स्टैंर्ड को पास कर चुके हैं। इस स्टैंर्ड के तहत अभ्यर्थी प्रत्येक पद के लिए अर्हता रखते हैं। ऐसे में उन्हें किसी पद के लिए यह कह कर नकारा नहीं जा सकता कि बोर्ड के पास पद नहीं है। 500 से अधिक पद खाली होने के बावजूद लगभग 150 अभ्यर्थियों को ''नो पोस्ट'' ( पद नहीं है) बताकर अंतिम चयन से बाहर कर दिया गया है। अब ये हताश अभ्यर्थी अपना चयन न होने का आधार और कारण पूछने के लिए पिछले चार दिनों से आरआरसी कार्यालय लगातार पहुंच रहे हैं, लेकिन चेयरमैन अनुराग सचान उनसे नहीं मिल रहे हैं। इसी वजह से मंगलवार को अभ्यर्थियों का धैर्य जवाब दे गया तो मुख्यालय के बाहर उन्होंने अपना विरोध जताया। यहां तमाम अभ्यर्थी राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड आदि राज्यों से आए हुए हैं। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि उनकी समस्या हल करने के लिए रेलवे का कोई भी अफसर उनसे नहीं मिल रहा है।
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