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नीली बत्ती के बिना नहीं हो सकेगा काम

Fri, 05 May 2017 02:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 05 May 2017 02:05 AM IST
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Can not work without blue light
गाड़ी से नीली बत्ती उतरवाते पुलिस अधिकारी।
वाणिज्य कर विभाग की प्रवर्तन इकाइयों के अफसर इन दिनों कर चोरी से आने वाले माल की जांच के लिए सड़कों पर तो निकल रहे हैं लेकिन जांच के लिए ट्रक बमुश्किल ही रोक पा रहे हैं। इसका कारण अफसरों की गाड़ियों से नीली बत्ती उतरना है। गाड़ियों में नीली बत्ती न होने पर ट्रक चालक उन्हें जरा भी भाव नहीं दे रहे, बल्कि जांच के दौरान अफसर ट्रक रोकने का इशारा करते हैं तो चालक उसकी गति और बढ़ा देते हैं। इसका असर राजस्व पर पड़ रहा है। अब वाणिज्य कर कमिश्नर ने सड़क परिवहन और राज मार्ग मंत्रालय को पत्र लिखकर प्रवर्तन कार्य के लिए अफसरों की गाड़ियों में फ्लैशर युक्त नीली बत्ती लगाने की अनुमति देने का अनुरोध किया है।
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प्रदेश सरकार को कुल राजस्व का अकेले 60 फीसदी वाणिज्य कर विभाग से प्राप्त होता है। राजस्व वसूली में मुख्य भूमिका विभाग की प्रवर्तन इकाइयों की होती है, जिनके अफसर व्यापारिक स्थल की जांच सर्वे, सीजर, सड़क पर माल लदे वाहनों की जांच आदि कार्य करते हैं। इन इकाइयों द्वारा कर योग्य माल के परिवहन एवं भंडारण के लिहाज से कर चोरी पर अंकुश लगाने की कार्रवाई रात-दिन की जाती है। रात में जांच के दौरान अफसरों को कर चोरी से माल मंगाने वालों से गंभीर खतरा भी रहता है। हमला होने की भी आशंका बनी रहती है। अफसरों की गाड़ियों में नीली बत्ती लगी होने से कर चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में सहायता मिलती है। इसलिए प्रवर्तन इकाइयों के वाहनों पर नीली बत्ती लगाने का प्रावधान पहले से रहा है।
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कमिश्नर मुकेश कुमार मेश्राम ने सड़क परिवहन और राज मार्ग मंत्रालय के संयुक्त सचिव को लिखे पत्र में स्पष्ट किया है कि प्रवर्तन कार्य ज्यादातर रात में ही होता है, क्योंकि मुख्य शहरों में दिन के समय नो इंट्री होती है। रात में ट्रक आदि माल वाहन तीव्र गति से चलते हैं। ऐसे में अफसरों की गाड़ियों में फ्लैशर युक्त नीली बत्ती न होने पर चालक माल लदी गाड़ियों को नहीं रोक रहे, बल्कि उसकी गति और बढ़ा दे रहे हैं। जीएसटी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जांच, सर्च, सीजर तथा अन्य मामलों में विभागीय अफसरों को पुलिस के समान शक्तियां प्राप्त हैं। ऐसे में जांच करने वाले अफसरों की गाड़ियों में नीली बत्ती का प्रावधान करने पर विचार किया जाए।
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