{"_id":"5e98ab378ebc3e6fbc28360c","slug":"by-bad-environment-the-production-of-wheat-became-not-good-city-news-ald273519287","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसम की मार से अच्छा नहीं हुआ गेहूं का उत्पादन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसम की मार से अच्छा नहीं हुआ गेहूं का उत्पादन
विज्ञापन
सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं वितरण की तैयारी में जुटे किसानों को एक बार फिर निराशा उठानी पड़ सकती है। इस बार गेहूं की पैदावार मानक के रूप नहीं हुई है। जांच में 11 में से छह नमूने मानक में फेल पाए गए हैं। चिंताजनक यह कि मानक के अनुसार सिकुड़न और टूटे दानों की मात्रा छह प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके विपरीत जांच में 16 फीसदी से भी अधिक में सिकुड़न और टूटन दर्ज की गई है। अब सरकार ने नियमों को शिथिल नहीं किया तो मौसम की मार से बेहाल किसानों की मुसीबत और बढ़ जाएगी।
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से रबी की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। गेहूं की जो पैदावार हुई है वह भी पतली है। इसका असर खरीद पर भी पड़ता दिख रहा है। गेहूं की खरीद का बृहस्पतिवार को दूसरा दिन रहा। पहले दिन 31 केंद्रों पर ही खरीद हुई थी लेकिन, क्रय केंद्रों पर पहुंचा गेहूं काफी कमजोर हैं। अमर उजाला के बृहस्पतिवार के अंक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। इसके अलावा विपणन अधिकारियों ने भी अफसरों के सामने यह बात रखी। इसके बाद सात सदस्यीय टीम से जांच कराई गई। टीम ने अलग-अलग गोदाम से 11 किसानों के गेहूं के नमूने लिए। ये किसान यमुनापार के हैं।
इनमें से नौ नमूने मानक पर खरे नहीं उतरे। नौ नमूनों में सिकुड़न की और टूटन की मात्रा छह प्रतिशत से कहीं अधिक है। इस मानक पर जो दो नमूने सही पाए गए हैं उनमें भी विजातीय तत्वों की मात्रा मानक से अधिक है। एसडीएम करछना आकांक्षा राणा ने पूरी रिपोर्ट डीएम को सौंपी है। साथ ही किसानों के हित में गेहूं खरीद के लिए मानक में शिथिलता प्रदान करने की मांग की बात कही है। इसके अलावा विपणन विभाग की ओर से भी जांच रिपोर्ट मुख्यालय और शासन को भेजी जाएगी। अफसरों का कहना है कि खासतौर पर, सिकुड़न और टूटन के स्तर पर मानक में छूट दिए जाने के लिए भी लिखा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से रबी की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। गेहूं की जो पैदावार हुई है वह भी पतली है। इसका असर खरीद पर भी पड़ता दिख रहा है। गेहूं की खरीद का बृहस्पतिवार को दूसरा दिन रहा। पहले दिन 31 केंद्रों पर ही खरीद हुई थी लेकिन, क्रय केंद्रों पर पहुंचा गेहूं काफी कमजोर हैं। अमर उजाला के बृहस्पतिवार के अंक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। इसके अलावा विपणन अधिकारियों ने भी अफसरों के सामने यह बात रखी। इसके बाद सात सदस्यीय टीम से जांच कराई गई। टीम ने अलग-अलग गोदाम से 11 किसानों के गेहूं के नमूने लिए। ये किसान यमुनापार के हैं।
विज्ञापन
इनमें से नौ नमूने मानक पर खरे नहीं उतरे। नौ नमूनों में सिकुड़न की और टूटन की मात्रा छह प्रतिशत से कहीं अधिक है। इस मानक पर जो दो नमूने सही पाए गए हैं उनमें भी विजातीय तत्वों की मात्रा मानक से अधिक है। एसडीएम करछना आकांक्षा राणा ने पूरी रिपोर्ट डीएम को सौंपी है। साथ ही किसानों के हित में गेहूं खरीद के लिए मानक में शिथिलता प्रदान करने की मांग की बात कही है। इसके अलावा विपणन विभाग की ओर से भी जांच रिपोर्ट मुख्यालय और शासन को भेजी जाएगी। अफसरों का कहना है कि खासतौर पर, सिकुड़न और टूटन के स्तर पर मानक में छूट दिए जाने के लिए भी लिखा जाएगा।
विज्ञापन