Prayagraj : 13 रुपये में गैस केवाईसी कराने का झांसा देकर कारोबारी से 1.93 लाख की ठगी
गैस केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर साइबर ठगों ने कारोबारी के खाते से 1.93 लाख रुपये उड़ा दिए। ठग ने खुद को एक कंपनी का कर्मचारी बताकर फर्जी लिंक भेजा और केवाईसी पूरी न होने पर गैस कनेक्शन बंद होने का डर दिखाया।
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गैस केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर साइबर ठगों ने कारोबारी के खाते से 1.93 लाख रुपये उड़ा दिए। ठग ने खुद को एक कंपनी का कर्मचारी बताकर फर्जी लिंक भेजा और केवाईसी पूरी न होने पर गैस कनेक्शन बंद होने का डर दिखाया। सिविल लाइंस के ताशकंद मार्ग निवासी कारोबारी अरविंद अग्रवाल के अनुसार, सात जुलाई की रात करीब नौ बजे उनके मोबाइल पर अनजान मोबाइल नंबर से एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एक गैस कंपनी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि गैस कनेक्शन की केवाईसी अपडेट नहीं होने पर सेवा बंद हो सकती है।
इसके बाद उसने मोबाइल पर एक लिंक भेजकर 13 रुपये का भुगतान करने को कहा। अरविंद ने डेबिट कार्ड से भुगतान का प्रयास किया लेकिन ट्रांजेक्शन दो बार असफल दिखा। इसके बावजूद कुछ ही देर बाद उनके खाते से 94,152 रुपये और 98,999 रुपये, कुल 1,93,151 रुपये कटने का संदेश मिला। अगले दिन बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि पूरी रकम ई-कॉमर्स ट्रांजेक्शन के जरिये खर्च की गई है। सिविल लाइंस पुलिस मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी जालसाज की पहचान करने में जुट गई है।
दो महीने में 15 से अधिक लोग बने शिकार
शहर में गैस कनेक्शन, बिजली बिल, केवाईसी अपडेट और अन्य सेवाओं के नाम पर साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले दो माह में कैंट, सिविल लाइंस, शिवकुटी, धूमनगंज समेत शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में इस तरह की 15 से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ज्यादातर मामलों में ठग खुद को किसी कंपनी या सेवा प्रदाता का कर्मचारी बताकर फर्जी लिंक भेजते हैं और केवाईसी या सत्यापन के नाम पर लोगों से बैंकिंग जानकारी हासिल कर खाते से रकम उड़ा रहे हैं।
अपनाएं ये सावधानियां
- गैस, बिजली, बैंक या किसी भी कंपनी के नाम पर आए लिंक पर बिना पुष्टि किए क्लिक न करें।
- केवाईसी अपडेट के लिए केवल संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।
- फोन पर किसी के कहने पर डेबिट/क्रेडिट कार्ड का पिन या नेट बैंकिंग की जानकारी साझा न करें।
- ट्रांजेक्शन फेल दिखने पर भी खाते से रकम कटने का मैसेज जरूर जांचें और तुरंत बैंक से संपर्क करें।
- किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर भरोसा करने से पहले संबंधित कंपनी के नंबर पर पुष्टि करें।
- साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in शिकायत दर्ज कराएं।