कई दिनों की जद्दोजहद के बाद आखिरकार ज्ञानपुर के बाहुबली विधायक विजय मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई हो ही गई। प्रयागराज विकास प्राधिकरण(पीडीए) ने अल्लापुर स्थित उसके आलीशान मकान को बुलडोजर चलवाकर जमीदोंज करवा दिया। अफसरों ने बताया कि करोड़ों रुपये कीमत का यह मकान बिना मानचित्र पास कराए बना था और इसीलिए इस पर कार्रवाई की गई।
ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र के करोड़ों के मकान पर चला बुलडोजर, पीडीए ने किया जमींदोज
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जार्जटाउन में अल्लापुर डॉट पुल के पास विजय मिश्रा का करोड़ों रुपये का तीन मंजिला आवासीय भवन है। शाम पांच बजे केकरीब पीडीए की टीम भारी फोर्स संग यहां पहुंच गई। देखते ही देखते चारों ओर फोर्स का घेरा बनाकर मकान की ओर आने वाले रास्तों पर आवागमन निषिद्ध किया गया। इसकेबाद तीन बुलडोजरों से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कराई गई।
सबसे पहले मकान केअगले हिस्से को तोड़ा गया और फिर ऊपरी मंजिल को ढहाए जाने की कार्रवाई शुरू हुई। शाम पांच बजे शुरू कार्रवाई करीब पांच घंटे तक चली जिसमें मकान को ध्वस्त करा दिया गया। पीडीए केजोनल अफसर सत शुक्ला ने बताया कि मकान का निर्माण अवैध तरीके से कराया गया था। इसका मानचित्र नहीं पास कराया गया था। जिसके संबंध में पूर्व में नोटिस भी जारी किया गया था लेकिन भवनस्वामी ने अवैध हिस्से को नहीं ढहाया। इसी क्रम में ध्वस्तीकरण आदेश जारी किया गया था और इसी क्रम में बृहस्पतिवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कराई गई।
500 वर्ग मीटर भूमि में बनी थी तीन मंजिला कोठी
पीडीए अफसरों ने बताया कि अल्लापुर में रेलवे लाइन के पास स्थित विजय मिश्रा की इस आलीशान कोठी का निर्माण लगभग 500 वर्ग मीटर भूमि में कराया गया था। तीन तल के इस मकान के भीतर दो दर्जन से ज्यादा कमरे बने हुए थे। अपनी आकर्षक बनावट की वजह से भी बाहुबली का यह मकान चर्चा का विषय बना रहता था। अफसरों ने बताया कि वर्तमान सर्किल रेट केहिसाब से बात करें तो भूमि की कीमत ही एक करोड़ के आसपास पहुंच जाती है। इसमें लागत जोड़ लें तो कीमत करोड़ों में पहुंच जाती है। उधर जानकारों का कहना है कि बाजारू कीमत इसकी कई गुना ज्यादा होगी।
अपील खारिज होने के बाद की कार्रवाई
मौके पर पहुंची विजय मिश्र की बेटी व अन्य परिजनों ने कार्रवाई को गलत व नियमविरुद्ध बताया। हालांकि पीडीए अफसरों का दावा है कि कार्रवाई पूरी तरह से वैध है और नियमों का पालन करते हुए की गई। जोनल अफसर सत शुक्ला का कहना है कि ध्वस्तीकरण केसंबंध में आदेश पूर्व में ही जारी किया जा चुका था। जिस पर भवन स्वामिनी रामलली मिश्र की ओर से कमिश्नर के समक्ष अपील की गई थी। जहां बृहस्पतिवार को अपील खारिज कर दी गई। इसकेबाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई। उन्होंने यह भी बताया कि ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ पूर्व में न्यायालय में भी रिट दाखिल की गई थी जिसे खारिज कर दिया गया था।