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हाईकोर्ट ने कहा : बीएसए जालौन पद पर रहने के योग्य नहीं, उनके खिलाफ क्यों न की जाए अवमानना की कार्रवाई

Tue, 18 Feb 2025 07:05 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 18 Feb 2025 07:05 PM IST
सार

Allahabad High Court News : न्यायालय ने कहा कि प्रथम दृष्टया बीएसए पद पर बने रहने के योग्य नहीं हैं। न्यायालय ने उन्हें 27 फरवरी 2025 को तलब करते हुए स्पष्टीकरण मांगा कि क्यों ने अवमानना कार्रवाई की जाए एवं क्यों न राज्य सरकार को विभागीय कार्रवाई के लिए भेजा जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की पीठ ने आस्था मिश्रा की याचिका पर दिया।

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BSA is not eligible to hold the post in Jalaun, why contempt action should not be taken
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा अधिकारी जालौन के कोर्ट के आदेशों पर अलग-अलग कारण बताकर अनुकंपा नियुक्ति आवेदन को खारिज करने पर नाराजगी जताई। न्यायालय ने कहा कि प्रथम दृष्टया बीएसए पद पर बने रहने के योग्य नहीं हैं। न्यायालय ने उन्हें 27 फरवरी 2025 को तलब करते हुए स्पष्टीकरण मांगा कि क्यों ने अवमानना कार्रवाई की जाए एवं क्यों न राज्य सरकार को विभागीय कार्रवाई के लिए भेजा जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की पीठ ने आस्था मिश्रा की याचिका पर दिया।

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जालौन निवासी याची की माता-पिता सरकारी सेवा में थे। पिता 2019 में सेवानिवृत्त हो गए। वहीं प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद कार्यरत मां की 2021 में मृत्यु हो गई। याची ने मां की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था, जिसे बीएसए ने माता-पिता के सेवा में होने के आधार पर खारिज कर दिया। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। कोर्ट के जवाब मांगने पर बीएसए ने हलफनामा देकर कहा कि याची की शैक्षिक योग्यता बीएड है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के आधार पर बीएड डिग्री धारक को सहायक अध्यापक नहीं बनाया जा सकता।

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नियुक्ति न देने का हर बार बनाया अलग आधार

याची के अधिवक्ता कमल कुमार केशरवानी ने दलील दी कि याची का मामला 2021 का है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस मामले में लागू नहीं होगा। साथ यह भी दलील दी कि बीएसए ने हाईकोर्ट के आदेशों पर अलग-अलग आधार लेते हुए नियुक्ति देने से इन्कार किया है। पहली बार विवाहित होने व दूसरी और तीसरी बार माता पिता के सेवा में होने के आधार नियुक्ति देने से इंकार कर दिया। जबकि शपथपत्र में बीएसए ने यह आधार लिया कि वर्तमान में बीएड डिग्री धारक को सहायक अध्यापक नहीं बनाया जा सकता है। न्यायालय ने बार-बार अलग-अलग आधार पर अनुकंपा नियुक्ति के आवेदन को खारिज करने पर नाराजगी जताते हुए बीएसए को 27 फरवरी 2025 को तलब कर लिया है।

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