प्रयागराज : भाई था अपराधी, गांव में दबंगई करता था उस्मान, प्रेमिका को उठा ले गया था उसके घर से
भमोखर गांव का रहने वाले उस्मान उर्फ विजय चौधरी का बड़ा भाई राकेश शातिर अपराधी है। वह जेल में बंद है। विजय गांव में अपने भाई के नाम पर दबंगई करता था। गांव के लोग डर के मारे उससे बोलते नहीं थे।
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भमोखर गांव का रहने वाले उस्मान उर्फ विजय चौधरी का बड़ा भाई राकेश शातिर अपराधी है। वह जेल में बंद है। विजय गांव में अपने भाई के नाम पर दबंगई करता था। गांव के लोग डर के मारे उससे बोलते नहीं थे। शादी से पहले जब उसकी प्रेमिका सुहानी के घर वालों ने पहरा लगाया तो वह सुहानी को उठा ले गया। सुहानी के भाई ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था।
विजय का बड़ा भाई राकेश चौधरी अंतरराज्यीय वाहन चोरों का सरगना है। राकेश पर दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। उसी के नक्शे कदम पर चलते हुए विजय चौधरी उर्फ उस्मान भी जरायम की दुनिया में खौफ का पर्याय बनने की हसरत पाले बैठा था। पहली बार वह क्षेत्र में तब चर्चा में आया जब उसने अपने गांव की ही सुहानी पांडेय के साथ भाग गया। सुहानी के भाई ने उसके खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। विजय और सुहानी साथ में ही पढ़ाई करते थे।
दोनों के बीच प्रेम प्रसंग की चर्चा जब लोगों में आम हुई तो परिजनों ने सुहानी की पढ़ाई बंद करा दी। इसके बाद विजय ने परिजनों को धमकाकर फिल्मी अंदाज में सुहानी को घर से उठा लाया। उससे प्रेम विवाह कर लिया। विजय चौधरी अपनी प्रेमिका सुहानी को लेकर अहमदाबाद और फिर घूरपुर में कमरा लेकर रहने लगा। वहीं से आपराधिक गतिविधियों को संचालित करता था। गांव में अमूमन बोलता कम था, इस कारण लोग उससे खौफ खाते थे। घर में डीजे की गाड़ी भी चलती है। उस पर विजय ने लिखाया था। इलाका किसी का हो, धमाका मेरा होगा।
गैंग के लोग कहते थे उस्मान छर्रा
अतीक गैंग ज्वाइन करने के बाद ही उसको गैंग के लोगों ने उस्मान नाम दिया था। छोटे कद काठी और अचूक निशाने की वजह से उसको उस्मान छर्रा कहा जाने लगा था। उस्मान उर्फ विजय चौधरी को पुलिस द्वारा मुठभेड़ में मारे जाने के बाद भी लोग उसके खिलाफ खुलकर बोलने का साहस नहीं कर पा रहे हैं।