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सरकार के खिलाफ वकीलों का कार्य बहिष्कार
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कचहरी में मांगो को लेकर हड़ताल कर प्रदर्शन करते अधिवक्ता।
- फोटो : PRATAPGARH
अधिवक्ताओं की न्यासी समिति को तीन से साल से बजट नहीं मिलने और जूनियर अधिवक्ताओं को किताब खरीदने के लिए पांच हजार रुपये देने का वादा पूरा करने से सहित विभिन्न मांगों को लेकर अधिवक्ताओं ने सोमवार को न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर प्रदर्शन किया।
जूनियर बार एसोसिएशन पुरातन के अध्यक्ष अयोध्या प्रसाद मिश्र ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार घोषणा करने के बाद भी अपने वादे पर खरी नहीं उतरी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने मांगों पर गौर नहीं किया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
बार कौंसिल के आह्वान पर सोमवार को जिले भर के वकीलों ने कार्य बहिष्कार कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। सुबह कचहरी में एकजुट हुए अधिवक्ताओं में जुलूस निकाला और नारेबाजी करके न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। हड़ताल में सभी गुटों के अधिवक्ता शामिल रहे।
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जूनियर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि योगी सरकार ने तीन साल से न्यासी समिति को एक रुपये भी नहीं दिए। इससे मृतक अधिवक्ताओं के परिजनों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। जबकि पूर्ववर्ती सरकार प्रतिवर्ष 40 करोड़ रुपये का बजट मुहैया कराती थी।
नौ मार्च 2019 को जूनियर अधिवक्ताओं को लाइब्रेरी के लिए पांच-पांच हजार रुपये प्रतिवर्ष देने की घोषणा की गई थी, मगर अभी तक एक रुपये भी नहीं दिए गए हैं।
वकीलों ने चेताया कि अगर मांगों पर विचार नहीं किया गया तो 16 मार्च, 23 मार्च और 30 मार्च को हड़ताल करेंगे और 15 अप्रैल को विधानसभा का घेराव करेंगे। इस मौके पर जेपी मिश्र, मुश्ताक अहमद, चंद्रभवन मिश्र, मनोज कुमार मिश्र, कमलाकांत मिश्र, रणंजय सिंह, उमेेश प्रताप, शक्ति सिंह, संतोष सिंह, विवेक त्रिपाठी, अनिल कुमार, अनीश कुमार, दिनेश कुमार प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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जूनियर बार एसोसिएशन पुरातन के अध्यक्ष अयोध्या प्रसाद मिश्र ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार घोषणा करने के बाद भी अपने वादे पर खरी नहीं उतरी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने मांगों पर गौर नहीं किया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
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बार कौंसिल के आह्वान पर सोमवार को जिले भर के वकीलों ने कार्य बहिष्कार कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। सुबह कचहरी में एकजुट हुए अधिवक्ताओं में जुलूस निकाला और नारेबाजी करके न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। हड़ताल में सभी गुटों के अधिवक्ता शामिल रहे।
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जूनियर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि योगी सरकार ने तीन साल से न्यासी समिति को एक रुपये भी नहीं दिए। इससे मृतक अधिवक्ताओं के परिजनों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। जबकि पूर्ववर्ती सरकार प्रतिवर्ष 40 करोड़ रुपये का बजट मुहैया कराती थी।
नौ मार्च 2019 को जूनियर अधिवक्ताओं को लाइब्रेरी के लिए पांच-पांच हजार रुपये प्रतिवर्ष देने की घोषणा की गई थी, मगर अभी तक एक रुपये भी नहीं दिए गए हैं।
वकीलों ने चेताया कि अगर मांगों पर विचार नहीं किया गया तो 16 मार्च, 23 मार्च और 30 मार्च को हड़ताल करेंगे और 15 अप्रैल को विधानसभा का घेराव करेंगे। इस मौके पर जेपी मिश्र, मुश्ताक अहमद, चंद्रभवन मिश्र, मनोज कुमार मिश्र, कमलाकांत मिश्र, रणंजय सिंह, उमेेश प्रताप, शक्ति सिंह, संतोष सिंह, विवेक त्रिपाठी, अनिल कुमार, अनीश कुमार, दिनेश कुमार प्रमुख रूप से मौजूद रहे।