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Prayagraj News: लॉकडाउन में जन्मीं अभिव्यक्ति, आईपैड से तैयार करतीं हैं डिजाइन
Wed, 31 Dec 2025 02:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Wed, 31 Dec 2025 02:15 AM IST
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स्वदेशी मेले में ग्राहकों को पोस्टर दिखाती अंजली निखरा।संवाद
- फोटो : shiv tripathi
पहली बार स्वेदेशी मेले में फ्रेम और पोस्टर का स्टॉल लगाने वाली ओराई जालोन की रहने वाली अंजली निखरा ने लॉकडाउन के दौरान अपने सपनों को आकार देना शुरू किया। साल 2022 में इलाहाबाद से हिंदी में एमए करने वाली अंजलि ने वर्ष 2021 में कला और साहित्य को जोड़ते हुए ‘अभिव्यक्ति आर्ट्स’ नाम से एक पेज की शुरूआत कर अपने हुनर को लोगों तक पहुंचाना शुरू किया।
शुरुआत में अंजलि एंड्रॉयड टैब से ही अपने डिजाइन तैयार करती थीं। बाद में अपनी कमाई से उन्होंने आईपैड खरीदा, जो आज उनके रचनात्मक काम का अहम साधन बन चुका है। अंजली के काम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उन्होंने साहित्य को किताबों तक सीमित करने के बजाय इसे कला में ऐसा पिरोया जो एक नया रंग लेकर सामने आया।
उनके बनाए बुकमॉर्क, फोन कवर, कैलेंडर, पोस्टर और फ्रेम साहित्य और कला का अनोखा संगम प्रस्तुत करते हैं। अंजली बताती हैं कि एआई के समय में किताबें पीछे छूटती जा रही हैं, इसलिए उन्होंने साहित्य को रंग-बिरंगी चीजों के जरिए लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की। स्वदेशी मेले में उनके इस काम को सभी उम्र के लोग पसंद कर रहे हैं।
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शुरुआत में अंजलि एंड्रॉयड टैब से ही अपने डिजाइन तैयार करती थीं। बाद में अपनी कमाई से उन्होंने आईपैड खरीदा, जो आज उनके रचनात्मक काम का अहम साधन बन चुका है। अंजली के काम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उन्होंने साहित्य को किताबों तक सीमित करने के बजाय इसे कला में ऐसा पिरोया जो एक नया रंग लेकर सामने आया।
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उनके बनाए बुकमॉर्क, फोन कवर, कैलेंडर, पोस्टर और फ्रेम साहित्य और कला का अनोखा संगम प्रस्तुत करते हैं। अंजली बताती हैं कि एआई के समय में किताबें पीछे छूटती जा रही हैं, इसलिए उन्होंने साहित्य को रंग-बिरंगी चीजों के जरिए लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की। स्वदेशी मेले में उनके इस काम को सभी उम्र के लोग पसंद कर रहे हैं।
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स्वदेशी मेले में ग्राहकों को पोस्टर दिखाती अंजली निखरा।संवाद- फोटो : shiv tripathi