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Prayagraj News: अगले सभी मुख्य स्नान पर्वों पर किला घाट से चलेंगी नावें
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मौनी अमावस्या समेत शेष चार मुख्य स्नान पर्वों पर अब किला घाट से श्रद्धालु नाव से संगम तक जा सकेंगे। नाविकों के विरोध की वजह से मेला प्रशासन बैकफुट पर आ गया है और उनकी मांग मान ली है। नाविक संघ की ओर से बताया गया कि अर्धकुंभ और माघ मेला की तरह ही किला घाट से श्रद्धालु नाव से संगम तक पहुंच सकेंगे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होने पर सुरक्षा का हवाला देते हुए पुलिस-प्रशासन ने पौष पूर्णिमा और मकर संक्रांति पर किला घाट से नावों का संचालन रोक दिया था। नाविकों को सिर्फ सरस्वती घाट या बलुआघाट से नाव चलाने की अनुमति दी गई थी।
नाविकों ने इसका कड़ा विरोध जताया था। उधर, नाव से संगम जाने का सपना लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं को भी निराश होना पड़ा था। बृहस्पतिवार रात इसे लेकर नाविक संघ ने मेलाधिकारी से मुलाकात की।
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संघ के नेतृत्व में पहुंचे नाविकों ने बताया कि इस व्यवस्था से हजारों नाविकों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। साथ ही दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं को भी निराश होना पड़ा।
संघ के अध्यक्ष पप्पू लाल निषाद ने दावा किया कि बैठक में निर्णय लिया कि मौनी अमावस्या समेत तीन अन्य मुख्य स्नान पर्व पर किला घाट से नावों का संचालन पहले की तरह ही होगा। बैठक में सेक्टर मजिस्ट्रेट व सीओ जल पुलिस भी मौजूद रहे। सीओ जल पुलिस रजनीश यादव ने बताया कि मेलाधिकारी की ओर से मौखिक निर्देश मिला है कि मुख्य स्नान पर्वों पर किला घाट से नावों का संचालन होगा।
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श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होने पर सुरक्षा का हवाला देते हुए पुलिस-प्रशासन ने पौष पूर्णिमा और मकर संक्रांति पर किला घाट से नावों का संचालन रोक दिया था। नाविकों को सिर्फ सरस्वती घाट या बलुआघाट से नाव चलाने की अनुमति दी गई थी।
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नाविकों ने इसका कड़ा विरोध जताया था। उधर, नाव से संगम जाने का सपना लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं को भी निराश होना पड़ा था। बृहस्पतिवार रात इसे लेकर नाविक संघ ने मेलाधिकारी से मुलाकात की।
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संघ के नेतृत्व में पहुंचे नाविकों ने बताया कि इस व्यवस्था से हजारों नाविकों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। साथ ही दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं को भी निराश होना पड़ा।
संघ के अध्यक्ष पप्पू लाल निषाद ने दावा किया कि बैठक में निर्णय लिया कि मौनी अमावस्या समेत तीन अन्य मुख्य स्नान पर्व पर किला घाट से नावों का संचालन पहले की तरह ही होगा। बैठक में सेक्टर मजिस्ट्रेट व सीओ जल पुलिस भी मौजूद रहे। सीओ जल पुलिस रजनीश यादव ने बताया कि मेलाधिकारी की ओर से मौखिक निर्देश मिला है कि मुख्य स्नान पर्वों पर किला घाट से नावों का संचालन होगा।