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ब्लड बैंक पर रक्तदाताओं को दलालों की धमकी
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Mon, 19 Jan 2015 01:22 AM IST
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इलाहाबाद। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल महिला को रविवार को ब्लड देने पहुंचे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के दो छात्रों को इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के ब्लड बैंक पर दलालों का सामना करना पड़ा। वहां पहुंचे सात-आठ युवाकों ने छात्रों से चले जाने की धमकी दी। हालांकि सूचना पर हॉस्टल से अन्य छात्र भी वहां पहुंच गए लेकिन इससे पहले ही दलाल फरार हो गए। इसके बाद भी छात्रों को फोन पर धमकी मिलती रही। छात्रों ने ब्लड बैंक में शिकायत की और थाने भी गए।
विश्वविद्यालय के छात्राें ने ‘पुनर्जीवन’ नाम से ब्लड डोनर क्लब बनाया है। इस क्लब के सदस्यों से संपर्क करके पीड़ित परिवार ब्लड की पूर्ति कर सकते हैं। इनके इस कार्य को ‘अमर उजाला’ ने हमेशा सराहा। छात्रों ने भी ‘अमर उजाला’ के कैंप में बढ़चढ़कर भागीदारी निभाई। उल्लेखनीय है कि ‘अमर उजाला’ ने झोला छाप डॉक्टरों के खिलाफ शुरू सीरिज में खून का काला धंधा करने वालों की करतूत भी उजागर की थी। इसके बाद भी प्रशानिक अमला और स्वास्थ्य विभाग के अफसर नहीं जागे और लोगों की मदद के लिए आगे आए छात्रों को इन दलालों का सामना करना पड़ा।
लोगों से जानकारी होने पर घायल महिला के परिजनों ने क्लब के सदस्यों से संपर्क कर मदद मांगी। महिला फतेहपुर खागा की है और यहां के राजापुर में ही एक निजी अस्पताल में भर्ती है। क्लब के सिद्धार्थ और पंकज ने बताया कि दो छात्रों ने ब्लड दिया लेकिन इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने धमकी दी कि वे उनका धंधा खराब न करें और चले जाएं। इसे लेकर उनके बीच विवाद बढ़ गया।
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इसके बाद हॉस्टल से क्लब के प्रमुख आलोक त्रिपाठी समेत अनेक छात्र पहुंच गए। आलोक ने बताया कि क्लब के सदस्य पहले भी कई बार ब्लड दे चुके हैं लेकिन एक मरीज के निधन के बाद दो यूनिट ब्लड नहीं चढ़ पाया था। पहले तो उन्होंने उसकी मांग की लेकिन वह उन्हें उपलब्ध नहीं हो सका। इसके बाद दो अन्य छात्रों को बुलाया गया और उन्होंने ब्लड दिया। इसी बीच ब्लड बैंक का ही एक कर्मी बाहर आया। इसके बाद कुछ लोग वहां पहुंच गए और बाहर निकलने पर उन्होंने छात्रों को घेर लिया। छात्रों ने ब्लड बैंक के अफसरों के सामने भी इसका तीव्र विरोध दर्ज कराया। छात्रों ने दलालों के साथ ब्लड बैंक कर्मियों के मिले होने का भी आरोप लगाया।
ब्लड बैंक में शिकायत के बाद छात्र कर्नलगंज थाना पहुंचे लेकिन उनसे कहा गया कि यह मामला कैंट थाने का है। इससे नाराज छात्रों ने सोमवार को एसएसपी से शिकायत की बात कही। एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ.अभिलाषा चतुर्वेदी ने भी माना कि बाहर प्रोफेशनल डोनर बैठे रहते हैं। इस बारे में एसएसपी से कई बार लिखित शिकायत की गई है लेकिन किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई अभी तक नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि हालांकि भीतर बायोमेट्रिक मशीन लगी है जिससे कि प्रोफेशनल डोनर को पकड़ा जा सके।
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विश्वविद्यालय के छात्राें ने ‘पुनर्जीवन’ नाम से ब्लड डोनर क्लब बनाया है। इस क्लब के सदस्यों से संपर्क करके पीड़ित परिवार ब्लड की पूर्ति कर सकते हैं। इनके इस कार्य को ‘अमर उजाला’ ने हमेशा सराहा। छात्रों ने भी ‘अमर उजाला’ के कैंप में बढ़चढ़कर भागीदारी निभाई। उल्लेखनीय है कि ‘अमर उजाला’ ने झोला छाप डॉक्टरों के खिलाफ शुरू सीरिज में खून का काला धंधा करने वालों की करतूत भी उजागर की थी। इसके बाद भी प्रशानिक अमला और स्वास्थ्य विभाग के अफसर नहीं जागे और लोगों की मदद के लिए आगे आए छात्रों को इन दलालों का सामना करना पड़ा।
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लोगों से जानकारी होने पर घायल महिला के परिजनों ने क्लब के सदस्यों से संपर्क कर मदद मांगी। महिला फतेहपुर खागा की है और यहां के राजापुर में ही एक निजी अस्पताल में भर्ती है। क्लब के सिद्धार्थ और पंकज ने बताया कि दो छात्रों ने ब्लड दिया लेकिन इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने धमकी दी कि वे उनका धंधा खराब न करें और चले जाएं। इसे लेकर उनके बीच विवाद बढ़ गया।
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इसके बाद हॉस्टल से क्लब के प्रमुख आलोक त्रिपाठी समेत अनेक छात्र पहुंच गए। आलोक ने बताया कि क्लब के सदस्य पहले भी कई बार ब्लड दे चुके हैं लेकिन एक मरीज के निधन के बाद दो यूनिट ब्लड नहीं चढ़ पाया था। पहले तो उन्होंने उसकी मांग की लेकिन वह उन्हें उपलब्ध नहीं हो सका। इसके बाद दो अन्य छात्रों को बुलाया गया और उन्होंने ब्लड दिया। इसी बीच ब्लड बैंक का ही एक कर्मी बाहर आया। इसके बाद कुछ लोग वहां पहुंच गए और बाहर निकलने पर उन्होंने छात्रों को घेर लिया। छात्रों ने ब्लड बैंक के अफसरों के सामने भी इसका तीव्र विरोध दर्ज कराया। छात्रों ने दलालों के साथ ब्लड बैंक कर्मियों के मिले होने का भी आरोप लगाया।
ब्लड बैंक में शिकायत के बाद छात्र कर्नलगंज थाना पहुंचे लेकिन उनसे कहा गया कि यह मामला कैंट थाने का है। इससे नाराज छात्रों ने सोमवार को एसएसपी से शिकायत की बात कही। एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ.अभिलाषा चतुर्वेदी ने भी माना कि बाहर प्रोफेशनल डोनर बैठे रहते हैं। इस बारे में एसएसपी से कई बार लिखित शिकायत की गई है लेकिन किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई अभी तक नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि हालांकि भीतर बायोमेट्रिक मशीन लगी है जिससे कि प्रोफेशनल डोनर को पकड़ा जा सके।