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झुका विवि प्रशासन, छात्रों की सभी मांगें की मंजूर
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Mon, 13 Feb 2017 01:58 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
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छात्रों के आंदोलन से बने दबाव के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक बार फिर कदम पीछे खींचे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने रविवार देर रात छात्रों की चारों मांगें मान लीं। पुलिस लाइन में अफसरों के साथ बैठक के बाद रजिस्ट्रार प्रोफेसर एनके शुक्ला ने इसकी घोषणा की। हालांकि छात्राें ने अब भी आंदोलन खत्म नहीं किया है। छात्रों का कहना है कि कुलपति लिखित देें कि उनकी मांगें मान ली गईं हैं।
छात्रसंघ की अगुवाई में छात्र प्रवेश समिति भंग करने, प्रवेश परीक्षा में ऑफलाइन का विकल्प दिए जाने, लाइब्रेरी से किताबें निर्गत करने और रजिस्ट्रार तथा वित्त अधिकारी की नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। एक छात्र ने आत्मदाह भी कर लिया। इसी क्रम में छात्रों ने सोमवार को बड़े आंदोलन की तैयारी की है। इससे बने दबाव पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन मांगें दिन में ही मान ली थी मगर गतिरोध बना था। इसके मद्देनजर देर रात पुलिस लाइन में सिटी मजिस्ट्रेट, एसपी सिटी की मौजूदगी में रजिस्ट्रार, चीफ प्रॉक्टर और डीएसडब्ल्यू के साथ छात्र नेताओं की वार्ता हुई। वहीं रजिस्ट्रार ने चारों मांगे माने जाने की घोषणा की। रजिस्ट्रार प्रोफेसर एनके शुक्ला ने बताया कि छात्रों की मांग पर निर्णय के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट आ गई है।
इस आधार पर प्रवेश समिति भंग करने का निर्णय लिया गया है। अब नई कमेटी गठित कर प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने बतौर रजिस्ट्रार प्रवेश परीक्षाओं में छात्र-छात्राओं को ऑफलाइन का विकल्प भी देने की घोषणा की। उन्होंने यह भी बताया कि रजिस्ट्रार और वित्त अधिकारी की नियुक्ति के लिए इसी सप्ताह विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है। रजिस्ट्रार ने बताया कि स्नातक के विद्यार्थियों को भी लाइब्रेरी से पुस्तकें निर्गत की जाएंगी। इसके लिए कर्मचारियाें की व्यवस्था जल्द कर दी जाएगी। हालांकि इसके लिए विद्यार्थियों से कॉशन मनी लिया जाएगा। पुस्तक जमा करने पर विद्यार्थी को यह राशि वापस कर दी जाएगी। बैठक में छात्रसंघ उपाध्यक्ष अदील हमजा, पूर्व उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, आनंद सिंह निक्कू आदि मौजूद रहे।
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‘छात्र संयम बरतें। उनकी सभी मांगें मान ली गई हैं। इसका आदेश भी जल्द जारी कर दिया जाएगा। इसलिए अब आंदोलन का औचित्य नहीं रह गया है। आत्मदाह करने वाले छात्र के प्रति भी विश्वविद्यालय प्रशासन संवेदनशील है। उसके इलाज में कोई कमी नहीं रहेगी।’
प्रो.एनके शुक्ला, रजिस्ट्रार
पुलिस लाइन में जिला और पुलिस विभाग के अफसरों की विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के साथ रविवार रात हुई बैठक में परिसर का माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्ती से पेश आने का निर्णय लिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की सभी चारों मांगें मान ली हैं। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन और विश्वविद्यालय के अफसरों का कहना था कि अब सोमवार को आंदोलन का कोई औचित्य नहीं रह गया है। ऐसे में छात्रों ने बवाल किया तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके विपरीत छात्राें ने सोमवार को कुलपति के घेराव की घोषणा की है। उनका कहना है कि कुलपति लिखित में दें कि सभी मांगें मान ली गई हैं।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ के अध्यक्ष प्रोफेसर रामसेवक दुबे ने छात्रसंघ पदाधिकारियों तथा वरिष्ठ छात्राें से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कुलपति से भी मोबाइल पर वार्ता कर छात्रों की सभी मांगों का समर्थन किया। उन्होंने मांग की कि छात्रों की मांग पर जल्द निर्णय लिया जाए।
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छात्रसंघ की अगुवाई में छात्र प्रवेश समिति भंग करने, प्रवेश परीक्षा में ऑफलाइन का विकल्प दिए जाने, लाइब्रेरी से किताबें निर्गत करने और रजिस्ट्रार तथा वित्त अधिकारी की नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। एक छात्र ने आत्मदाह भी कर लिया। इसी क्रम में छात्रों ने सोमवार को बड़े आंदोलन की तैयारी की है। इससे बने दबाव पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन मांगें दिन में ही मान ली थी मगर गतिरोध बना था। इसके मद्देनजर देर रात पुलिस लाइन में सिटी मजिस्ट्रेट, एसपी सिटी की मौजूदगी में रजिस्ट्रार, चीफ प्रॉक्टर और डीएसडब्ल्यू के साथ छात्र नेताओं की वार्ता हुई। वहीं रजिस्ट्रार ने चारों मांगे माने जाने की घोषणा की। रजिस्ट्रार प्रोफेसर एनके शुक्ला ने बताया कि छात्रों की मांग पर निर्णय के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट आ गई है।
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इस आधार पर प्रवेश समिति भंग करने का निर्णय लिया गया है। अब नई कमेटी गठित कर प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने बतौर रजिस्ट्रार प्रवेश परीक्षाओं में छात्र-छात्राओं को ऑफलाइन का विकल्प भी देने की घोषणा की। उन्होंने यह भी बताया कि रजिस्ट्रार और वित्त अधिकारी की नियुक्ति के लिए इसी सप्ताह विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है। रजिस्ट्रार ने बताया कि स्नातक के विद्यार्थियों को भी लाइब्रेरी से पुस्तकें निर्गत की जाएंगी। इसके लिए कर्मचारियाें की व्यवस्था जल्द कर दी जाएगी। हालांकि इसके लिए विद्यार्थियों से कॉशन मनी लिया जाएगा। पुस्तक जमा करने पर विद्यार्थी को यह राशि वापस कर दी जाएगी। बैठक में छात्रसंघ उपाध्यक्ष अदील हमजा, पूर्व उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, आनंद सिंह निक्कू आदि मौजूद रहे।
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‘छात्र संयम बरतें। उनकी सभी मांगें मान ली गई हैं। इसका आदेश भी जल्द जारी कर दिया जाएगा। इसलिए अब आंदोलन का औचित्य नहीं रह गया है। आत्मदाह करने वाले छात्र के प्रति भी विश्वविद्यालय प्रशासन संवेदनशील है। उसके इलाज में कोई कमी नहीं रहेगी।’
प्रो.एनके शुक्ला, रजिस्ट्रार
पुलिस लाइन में जिला और पुलिस विभाग के अफसरों की विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के साथ रविवार रात हुई बैठक में परिसर का माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्ती से पेश आने का निर्णय लिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की सभी चारों मांगें मान ली हैं। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन और विश्वविद्यालय के अफसरों का कहना था कि अब सोमवार को आंदोलन का कोई औचित्य नहीं रह गया है। ऐसे में छात्रों ने बवाल किया तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके विपरीत छात्राें ने सोमवार को कुलपति के घेराव की घोषणा की है। उनका कहना है कि कुलपति लिखित में दें कि सभी मांगें मान ली गई हैं।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ के अध्यक्ष प्रोफेसर रामसेवक दुबे ने छात्रसंघ पदाधिकारियों तथा वरिष्ठ छात्राें से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कुलपति से भी मोबाइल पर वार्ता कर छात्रों की सभी मांगों का समर्थन किया। उन्होंने मांग की कि छात्रों की मांग पर जल्द निर्णय लिया जाए।