अमित शाह के आने से पहले अखाड़ों को साधने में जुटा विहिप, संगम में डुबकी लगाने आ सकते हैं पीएम
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के 13 फरवरी को आने की योजना के पहले ही विश्व हिंदू परिषद अखाड़ों को जोड़ने की रणनीति में जुट गया है। इसमें किन्नर अखाड़ा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस कार्य के लिए विहिप के केंद्रीय उपाध्यक्ष और संत संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी को जिम्मेदारी मिली हुई है।
पिछले दिनों अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर कुंभ क्षेत्र में आयोजित विहिप की धर्म संसद का अखाड़ा परिषद ने बहिष्कार किया था। जिससे विहिप की आगामी तय शुदा रणनीति को झटका लगा था। उसी झटके से उबरने और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के सम्मुख अखाड़ों और विहिप की एकता को दिखाने के इरादे से संत संपर्क प्रमुख लगातार अखाड़ों के संतों से अलग मुलाकात कर रहे हैं। मजे की बात यह है कि अखाड़ों के संतों से यह मुलाकात कुंभ क्षेत्र से बाहर संघ भवन में हो रही है।
जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी देवानंद, दिगंबर अखाड़े के सचिव शिवशंकर दास की संत संपर्क प्रमुख के साथ दो दौर की मुलाकात हो चुकी है। इस बीच पता चला है कि किन्नर अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी से विहिप राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की फोन के जरिए कई बार बात हुई। कहा जा रहा है कि किन्नर अखाड़े ने विहिप को आश्वस्त किया है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर शुरू किए जाने वाले जगजागरण को लेकर वह उनके साथ है। चर्चा है कि किन्नर अखाड़ा भी गांव-गांव, घर-घर चलने वाले विहिप के अभियान को हिस्सा बनेगा। चर्चा यह भी है कि शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती के जरिए अखाड़ों को विहिप अपने साथ जोड़ने में कामयाब हुआ है।
कुंभ में डुबकी लगाने आ सकते हैं मोदी
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी यहां आने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार के बुलावे पर प्रधानमंत्री यहां किसी रोज आ सकते हैं। वह यहां संगम में डुबकी भी लगाएंगे और अक्षयवट के दर्शन भी करेंगे। इसी के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ उनकी मुलाकात भी कराई जा सकती है। साथ ही कुछ प्रमुख संतों से भी वह मिल सकते हैं।
आज से शुरू होगा विहिप कार्यकर्ताओं का समागम
विहिप के शिविर में धर्म संसद के बाद की गतिविधियों में नाराज संतों को एक साथ, एक मंच पर लाने की कोशिश चल रही है। पता चला है कि जल्द ही अखाड़ा परिषद से विहिप की खींचतान खत्म हो सकती है। इसके लिए दोनों तरफ से प्रयास चल रहा है। माना जा रहा है कि जिस दिन भाजपा प्रमुख अमित शाह कुंभ क्षेत्र पहुंचेंगे, उसी दिन फिर से राम मंदिर अभियान और लोकसभा चुनाव 2019 को गति मिलेगी।
विहिप के शिविर में गुरुवार से दो दिवसीय कार्यकर्ता समागम होगा। पूर्वी क्षेत्र के चारों प्रांतों अवध, काशी, गोरक्ष और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के प्रांत और विभाग के सभी प्रखंडों से जुड़े कार्यकर्ता यहां देर शाम पहुंच गए हैं। दो दिनों तक यहां मंदिर और 2019 लोकसभा चुनाव के लिए कार्य करने पर मंथन होगा।