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ओहदे से हटाए जाएं आजम
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 28 Oct 2016 02:09 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
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मशहूर शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद नकवी ने शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिज़वी को गिरफ्तार करने सहित बोर्ड की गतिविधियों की सीबीआई से जांच कराने और कैबिनेट मंत्री आजम खां को ओहदे से हटाने की मांग की है। एक मजलिस के सिलसिले में इलाहाबाद आए मौलाना कल्बे जवाद ने दो टूक कहा है कि अगर सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव वाकई में माफियागीरी के खिलाफ हैं तो उक्त दोनों कार्रवाई करके दिखाएं।
‘अमर उजाला’ से खास मुलाकात में उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड के कामों में पूरी माफियागीरी जारी है जिसकी सरपरस्ती कैबिनेट मंत्री आजम खां कर रहे हैं। पूरे प्रदेश में वक्क की संपत्तियों को लेकर बेईमानी की जा रही है। जबर्दस्त लूट-खसोट मची है। वक्फ बोर्ड में इससे जुड़ी संपत्तियों की बहुत कम कीमतें ही जमा कराई जा रही हैं, जबकि बाकी पैसा निजी हाथों में जा रहा है।
इलाहाबाद के ऐतिहासिक इमामबाड़े गुलाम हैदर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, गरीबों के मकान और इमामबाडे़ गिराकर बड़े-बड़े मल्टीप्लेक्स और मॉल बनाए जा रहे हैं। यदि इमामबाड़ा गुलाम हैदर के आंदोलन को कमजोर करने के लिए शिया जामा मस्जिद चक के इमाम जुमा व जमात मौलाना हसन रजा जैदी को उनके पद से हटाया जाता है तो शिया आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। सरकार को औकाफ को तबाह और बर्बाद करने के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। यदि सरकार मांगों पर अमल नहीं करती है तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। मुसममानों से अपील है कि वे एकजुट होकर उसे वोट दें जो कोई उनके हक को पूरा करने का पुख्ता वायदा करे।
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‘अमर उजाला’ से खास मुलाकात में उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड के कामों में पूरी माफियागीरी जारी है जिसकी सरपरस्ती कैबिनेट मंत्री आजम खां कर रहे हैं। पूरे प्रदेश में वक्क की संपत्तियों को लेकर बेईमानी की जा रही है। जबर्दस्त लूट-खसोट मची है। वक्फ बोर्ड में इससे जुड़ी संपत्तियों की बहुत कम कीमतें ही जमा कराई जा रही हैं, जबकि बाकी पैसा निजी हाथों में जा रहा है।
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इलाहाबाद के ऐतिहासिक इमामबाड़े गुलाम हैदर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, गरीबों के मकान और इमामबाडे़ गिराकर बड़े-बड़े मल्टीप्लेक्स और मॉल बनाए जा रहे हैं। यदि इमामबाड़ा गुलाम हैदर के आंदोलन को कमजोर करने के लिए शिया जामा मस्जिद चक के इमाम जुमा व जमात मौलाना हसन रजा जैदी को उनके पद से हटाया जाता है तो शिया आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। सरकार को औकाफ को तबाह और बर्बाद करने के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। यदि सरकार मांगों पर अमल नहीं करती है तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। मुसममानों से अपील है कि वे एकजुट होकर उसे वोट दें जो कोई उनके हक को पूरा करने का पुख्ता वायदा करे।
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