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रेती पर रण: भूमि आवंटन पर संतों और तीर्थपुरोहितों में घमासान

Thu, 24 Dec 2020 12:50 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 24 Dec 2020 12:50 AM IST
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Battle over the sand: Saints and pilgrims over land allotment
Battle over the sand: Saints and pilgrims over land allotment - फोटो : CITY DESK
भूमि आवंटन पर संतों और तीर्थपुरोहितों के बीच मचे घमासान के बीच बुधवार को प्रशासन के आमंत्रण के बाद भी संगम की रेती पर खाक चौक के संत जमीन की नापी कराने के लिए नहीं पहुंचे। एक ही जगह पर 280 संस्थाओं को बसाने की जिद पर अड़े खाक चौक के संत मेला दफ्तर पर बेमियादी धरने पर बैठ गए।
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उधर, महज 10 फीट की दूरी पर प्रयागवाल सभा के तीर्थपुरोहितों के प्रदर्शन और नारेबाजी से कुछ देर के लिए स्थिति असहज हो गई। हालांकि पुलिस ने प्रदर्शनकारी तीर्थ पुरोहितों को वहां से समझा-बुझाकर हटाया। बावजूद इसके दोनों आध्यातिम संस्थाओं के पदाधिकारी अपनी-अपनी जिद पर अड़े रहे। देर रात तक भूमि आवंटन पर समाधान नहीं निकल सका था।
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खाक चौक के 290 मुकामधारियों को 180 बीघे भूमि का आवंटन बुधवार को मेला प्रशासन की दिन भर की मान -मनौव्वक के बाद भी शुरू नहीं हो सका। खाक चौक के पदाधिकारी सुबह भूमि आवंटन के लिए उस पार जाने की बजाए बांध पर ही रूक गए।
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अफसरों ने अध्यक्ष महंत सीताराम दास और महामंत्री महामंडेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा को कई बार फोन किया , लेकिन उनके फोन नहीं उठे। अलबत्ता खाक चौक के संतों ने मेला कार्यालय के सामने दरी बिछाकर बेमियादी धरना शुरू कर दिया। महामंत्री सतुआ बाबा का कहना था कि मेला प्रशासन ने पिछली बार कटान में बही भूमि को संगम लोवर मार्ग पर आंवटित कर खाक चौक के एक ही जगह बसाने का लिखित सहमति पत्र दिया था, लेकिन इस बार उसका अनुपालन नहीं किया जा रहा है।
सतुआ बाबा ने मेला प्रशासन को चेताया कि अगर एक जगह पर उनके सभी मुकामधारियों को नहीं बसाया गया तो वह मेला का बहिष्कार करने के लिए मजबूर होंगे। इससे पहले दिन बर खाक चौक के संतों को मनाने का सिलसिला जारी रहा, लेकिन बात नहीं बनी।
धरने पर खाक चौक के अध्यक्ष महंत सीताराम दास,राम नरेश दास,राम कर्ष़िण दास, महराज कोल्हू नाथ, महंत ब्रज भूषण दास, बालक दास, परमेश्वर दास, राजेंद्र दास हिटलर बाबा समेत कई संत अलाव जलाकर बैठे हैं। उधर, दोपहर बाद खाक चौक के संतों के धरना स्थल से चंद कदम पर ही प्रयागवाल सभा के तीर्थ पुरोहितों ने नारेबाजी शुरू कर दी। प्रयागवाल तीर्थपुरोहित सभा के अध्यक्ष डॉ प्रकाश चंद्र मिश्र ने का कहना था कि वह संगम लोवर मार्ग की भूमि किसी दूसरी संस्था के लिए नहीं छोड़ेंगे। प्रशासन ने ऐसा किया व्यापक आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।
मेला प्रशासन कुछ संस्थाओं के दबाव में खाक चौक को बांटकर टुकड़ों में बसाना चाह रहा है। इसे संत बर्दाश्त नहीं करेंगे। संगम लोवर मार्ग पर एक ही जगह खाक चौक को नहीं बसाया गया तो फिर हमें मजबूर होकर मेला से वापस होना पड़ेगा। महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा, महामंत्री खाक चौक व्यवस्था समिति।
भूमि आवंटन की तिथि घोषित न होने से तीर्थपुरोहित नाराज
प्रयागराज। भूमि आवंटन की तिथि घोषित न होने से नाराज प्रयागवाल तीर्थपुरोहितों ने प्रयागराज मेला प्राधिकरण कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी तीर्थ पुरोहित भूमि वितरण की तिथि घोषित करने की मांग कर रहे थे। इस मौकेपर महामंत्री राजेंद्र पालीवाल, संतोष भारद्वाज, राजेश तिवारी, अमर नाथ तिवारी, विराट मिश्र, रितुराज मिश्र, वीरेंद्र तिवारी, अर्पित शर्मा, राजा बाबू मिश्र, दया शंकर तिवारी, लाल शोकहा, चंकी तिवारी, कमलेश तिवारी, राजेश पांडेय, कन्हैया पांडेय, गोपाल काला, नितिन मिश्र, पुन्नू शर्मा सहित सैकड़ों तीर्थ पुरोहित उपस्थित थे।
माघ मेला में वर्ष -2010 के आधार पर हो भूमि आवंटन:स्वामी नरेंद्रानंद
प्रयागराज। काशी सुमेरु पीठ के जगदगुरु स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महराज ने बुधवार की शाम माघ मेला प्रशासन से मांग वर्ष 2010 के रिकार्ड के आधार पर भूमि वितरण के लिए आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि इससे पता चल जाएगा कि किस संस्था को कितनी जमीन और सुविधा मिलती रही है। उन्होंने कहा कि इससे संस्थाओं और प्रशासन के बीच की गलतफहमी दूर करने में आसानी होगी।

नई सूची पर भी विचार करे मेला प्रशासन
प्रयागराज। अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम ने बुधवार की शाम पुरानी सूची के आधार पर 127 दंडी संन्यासियों को भूमि आवंटन किए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद नई संस्थाओं और संतों की सूची पर मेला प्रशासन को विचार करना चाहिए। नई सूची को दरकिनार करना उचित नहीं होगा।

Battle over the sand: Saints and pilgrims over land allotment

Battle over the sand: Saints and pilgrims over land allotment- फोटो : CITY DESK

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