फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   bar council

आपसी राजनीति की भेंट चढ़ी वकीलों को मदद

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 30 Apr 2020 09:08 PM IST
विज्ञापन
bar council
प्रयागराज। लॉक डाउन के दौरान अदालतें बंद होने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे वकीलों को बार काउंसिल से आर्थिक मदद मिलने की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं है। उलटे काउंसिल के सदस्यों में इसे लेकर खींचतान और राजनीति तेज हो गई है । अध्यक्ष हरिशंकर सिंह ने सरकार से 100 करोड़ों रुपये वकीलों की मदद के लिए ना मिल पाने का ठीकरा पूर्व अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह पर फोड़ा है, वहीं अमरेंद्र सिंह ने भी पलटवार करते हुए अध्यक्ष पर अपनी नाकामी छुपाने के लिए राजनीति करने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
वकीलों को मदद के नाम पर सरकार से पैसा मांगने या अपना फंड खर्च करने को लेकर काउंसिल के सदस्यों में पहले से ही खींचतान चल रही थी । पूर्व अध्य्क्ष अमरेंद्र सिंह और कुछ अन्य सदस्य चाहते थे कि कौंसिल अपने फंड से ही वकीलों को मदद करे। बुधवार को लखनऊ में हुई न्यासी समिति की बैठक में अध्यक्ष हरिशंकर सिंह को उस समय तगड़ा झटका लगा, जब महाधिवक्ता और न्न्यासी समिति के अध्य्क्ष राघवेंद्र सिंह ने साफ कह दिया कि कोविड 19 की आपदा में मदद के लिए उनके पास कोई फंड नहीं है। इसलिए 100 करोड़ तो दूर इस मद में कोई मदद नहीं दी जा सकती है। न्यासी समिति की बैठक हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई थी । हाईकोर्ट ने न्यासी समिति को मृतक अधिवक्ताओं के परिजनों को पाँच लाख की आर्थिक सहायता और 3 वर्ष तक की वकालत वाले अधिवक्ताओं को ₹5000 महीने स्टाइपेंड देने का मामला तय करने का निर्देश दिया था । बैठक में अधिवक्ताओं के परिजनों को पाँच लाख की मदद देने के ज्यादातर मामलों का निस्तारण कर दिया गया। मगर युवा अधिवक्ताओं को ₹5000 देने का मामला इसलिए टल गया क्योंकि इसके लिए जारी शासनादेश में यह जिक्र नहीं है कि मदद किस तिथि से दी जानी है । तय किया गया कि इस पर सरकार से निर्देश प्राप्त करके निर्णय लिया जाएगा ।अधिवक्ताओं के स्टांप शुल्क से होने वाली आमदनी की रकम पर भी चर्चा हुई । न्यासी समिति का कहना था कि यह रकम सीधी मिलनी चाहिए, क्योंकि अभी यह रकम पहले सरकार के खाते में जाती है वहां से न्यासी समिति को मिलती है। इस में करीब साल भर का समय लग जाता है इस मुद्दे पर सरकार से वार्ता करने का निर्णय लिया गया है।
विज्ञापन
अमरेंद्र का बयान बना रोड़ा: हरिशंकर बार कौंसिल के अध्य्क्ष हरिशंकर सिंह का कहना है कि अमरेंद्र सिंह ने बयान दिया था कि बार काउंसिल के पास 40 करोड़ का फंड है, जिसमें से वकीलों को मदद दी जानी चाहिए । यह आंकड़ा उनको कहां से मिला मैं नहीं जानता मगर उनके इस बयान की वजह से ही सरकार की ओर से वकीलों को 100 करोड़ों रुपए की सहायता नहीं मिल सकी है । उनका बयान ही राह में रोड़ा बना। उन्होंने जिन दो सदस्यों का समर्थन में नाम लिया है वह भी उनके साथ नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मदद नहीं देना चाहते अध्यक्ष:अमरेंद्र बार काउंसिल के सदस्य और पूर्व अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह का कहना है कि मैंने 24 मार्च को ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और बार काउंसिल यूपी के अध्यक्ष को पत्र लिख कर कहा था कि सरकार से सहायता मांगने के बजाय बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के पास जमा 40 करोड़ रुपये में से 20 करोड़ रुपये और बार काउंसिल ऑफ इंडिया से भी इतनी ही रकम लेकर तथा कुछ पैसा सदस्यों द्वारा चंदे से एकत्र कर के फंड बनाया जाय। इससे जरूरतमंद वकीलों को मदद दी जाए। मगर ऐसा नहीं किया गया ।दरअसल अध्यक्ष काउंसिल का फंड खर्च नहीं करना चाहते और अपनी नाकामी छुपाने के लिए राजनीति कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed