बैंकों को पासबुक में दर्ज करना होगा पीपीओ नंबर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय ने बैंकों को जारी किए जरूरी दिशा-निर्देश
पेंशनरों, पारिवारिक पेंशनरों को बैंक या ब्रांच बदलने में होगी सहूलियत
केंद्रीय पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों को अब बैंक या ब्रांच बदलने में दिक्कत का सामना नहीं करना होगा। केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय (सीपीएओ) ने सभी बैंकों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि पेंशन पेमेंट ऑर्डर (पीपीओ) का नंबर पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों की पासबुक पर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा।
बैंक से पेंशन प्राप्त कर वाले पेंशनरों और फैमिली पेंशनरों को अगर किसी दूसरी जगह जाकर रहना पड़ता है तो वह अपनी सुविधानुसार बैंक या ब्रांच भी बदल सकते हैं लेकिन, इस पूरी प्रक्रिया में पीपीओ नंबर की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। पूर्व में सीपीएओ ने बैंकों को सलाह दी थी कि पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों की पासबुक में उनका पीपीओ नंबर भी अंकित किया जाएगा लेकिन, बड़ी संख्या में बैंकों ने यह काम पूरा नहीं किया। पेशनरों से जुड़े कई संगठनों और तमाम पेंशनरों ने व्यक्तिगत रूप से सीपीएओ से इस मामले की शिकायत की।
शिकायत मिलने के बाद सीपीएओ की ओर से बैंकों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों की पासबुक में उनका पीपीओ नंबर अनिवार्य रूप से अंकित किया जाएगा ताकि उन्हें अपना पेंशन एकाउंट बदलने के लिए भटकना न पड़े। एजी ब्रदरहुड के पूर्व अध्यक्ष हरिशंकर तिवारी ने इस आदेश का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे बड़ी संख्या में पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को राहत मिलेगी, क्योंकि ज्यादातर केंद्रीय पेंशनर एवं पारिवारिक पेंशनर बैंकों से ही पेंशन प्राप्त कर रहे हैं।