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एपीओ के 43 पदों पर नए सिरे से आरक्षण लागू करने पर रोक
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एपीओ के 43 शेष पदों पर नए सिरे से आरक्षण पर रोक
आयोग और प्रदेश सरकार से जवाब तलब
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एपीओ सहायक अभियोजन अधिकारी (एपीओ) भर्ती में रिक्त रह गए 43 पदों को भरने में नए आरक्षण मानक लागू करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार और लोक सेवा आयोग से जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा है कि आरक्षण की श्रेणी में फिलहाल कोई परिवर्तन नहीं किया जाए।
यह आदेश जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्र ने जितेंद्र प्रताप सिंह की याचिका पर दिया है। एपीओ के 372 पदों पर भर्ती का लोक सेवा आयोग ने 29 अप्रैल 15 को विज्ञापन निकला था। आयोग ने चयन की प्रक्रिया पूरी कर सरकार को सभी 372 पदों को भरने की अपनी संस्तुति भेज दी ।
आयोग की संस्तुति के बाद 43 चयनित अभ्यर्थियों ने ज्वाइन नहीं किया। आयोग ने इन बचे 43 पदों को भरने की प्रक्रिया प्रारंभ की। इस क्रम में आयोग ने आरक्षण को नए सिरे से लागू करना शुरू किया। जिसे अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याची का कहना है कि 372 पदों की भर्ती में जो आरक्षण नियम लागू हुआ था, वही इन बचे 43 पदों पर भी लागू होगा। नए सिरे से आरक्षण लागू करना गलत है । कोर्ट ने इस मामले में आयोग व सरकार से जवाब तलब किया है तथा याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तिथि नियत की है । इस बीच कोर्ट ने पूर्व मे आरक्षण को लेकर की गई संस्तुति में किसी भी प्रकार के परिवर्तन पर रोक लगा दी है।
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आयोग और प्रदेश सरकार से जवाब तलब
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एपीओ सहायक अभियोजन अधिकारी (एपीओ) भर्ती में रिक्त रह गए 43 पदों को भरने में नए आरक्षण मानक लागू करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार और लोक सेवा आयोग से जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा है कि आरक्षण की श्रेणी में फिलहाल कोई परिवर्तन नहीं किया जाए।
यह आदेश जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्र ने जितेंद्र प्रताप सिंह की याचिका पर दिया है। एपीओ के 372 पदों पर भर्ती का लोक सेवा आयोग ने 29 अप्रैल 15 को विज्ञापन निकला था। आयोग ने चयन की प्रक्रिया पूरी कर सरकार को सभी 372 पदों को भरने की अपनी संस्तुति भेज दी ।
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आयोग की संस्तुति के बाद 43 चयनित अभ्यर्थियों ने ज्वाइन नहीं किया। आयोग ने इन बचे 43 पदों को भरने की प्रक्रिया प्रारंभ की। इस क्रम में आयोग ने आरक्षण को नए सिरे से लागू करना शुरू किया। जिसे अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याची का कहना है कि 372 पदों की भर्ती में जो आरक्षण नियम लागू हुआ था, वही इन बचे 43 पदों पर भी लागू होगा। नए सिरे से आरक्षण लागू करना गलत है । कोर्ट ने इस मामले में आयोग व सरकार से जवाब तलब किया है तथा याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तिथि नियत की है । इस बीच कोर्ट ने पूर्व मे आरक्षण को लेकर की गई संस्तुति में किसी भी प्रकार के परिवर्तन पर रोक लगा दी है।
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