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रिहायशी इलाके में व्यवसायिक गतिविधियों पर रोक

Mon, 18 Nov 2019 08:39 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 18 Nov 2019 08:39 PM IST
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Ban on business activities in residential areas
Ban on business activities in residential areas
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शहर के रिहायशी इलाकों में व्यवसायिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण को आदेश दिया है कि जब तक मास्टर प्लान के तहत जोनल डेवलपमेंट प्लान तैयार नहीं हो जाता तब तक रिहायशी एरिया में किसी प्रकार की व्यवसायिक गतिविधियों की अनुमति न दी जाए ।
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कोर्ट ने कहा है कि नया जोनल प्लान तैयार होने तक रिहायशी एरिया में व्यवसायिक भवनों के नक्शे भी न पास किए जाएं। कोर्ट ने रिहायशी इलाकों में स्थित बिना पार्किंग वाले व्यवसायिक भवनों को नोटिस देकर सील करने का पीडीए को आदेश दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार व जिला अधिकारी को यह भी आदेश दिया है 2001 के मास्टर प्लान के तहत पार्क और खुले मैदान के रूप में घोषित भूमि पर किसी प्रकार के भवन का निर्माण न होने दिया जाए और यदि निर्माण हुआ है तो उसे हटाकर छह माह में पार्क बहाल किया जाए।
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राजेंद्र प्रसाद अरोड़ा और अन्य की याचिकाओं पर यह आदेश न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने दिया है। याचिका में 50,62,774 लाख की टैक्स वसूली को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने राज्य सरकार को याची के प्रत्यावेदन को निर्णीत करने का निर्देश दिया है।
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यह था मामला
लाल बहादुर शास्त्री मार्ग स्थित नजूल भूमि को फ्रीहोल्ड घोषित कर दिया गया था। जिसका बैनामा भी 11 दिसंबर 2009 को हो गया था। इस पर कंपाउंडिंग के लिए 21,61086 लाख रुपये और इंपैक्ट फीस के लिए 33,04148 लाख रुपये की वसूली का नोटिस जारी था। इसे याचिका में चुनौती दी गई। याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता रवि कांत व एस के गर्ग तथा पीडीए की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने बहस की। कोर्ट ने कहा इलाहाबाद शहर में लागू मास्टर प्लान के तहत जोनल प्लान पर प्राधिकरण पुनर्विचार करे।

प्रयागराज 10 सबसे प्रदूषित शहरों में
हाईकोर्ट ने कहा है कि पूरे विश्व में सबसे अधिक प्रदूषित 10 शहरों में प्रयागराज भी शामिल है और मास्टर प्लान के विपरीत रिहायशी इलाकों में मनमाने तरीके से व्यवसायिक गतिविधियों की अनुमति दी जा रही है। जो जन स्वास्थ्य के लिए घातक है । लोगों के साफ हवा स्वच्छ पर्यावरण एवं स्वस्थ व गरिमा पूर्ण जीवन के अधिकार का उल्लंघन किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा है कि नजूल भूमि पर बहुत से पार्क और खुले मैदानों को फ्री होल्ड कर वहां बिल्डिंग बनाई गई है। पार्किंग न होने से शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है ।
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