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बम्हरौली एयरपोर्ट का जिम्मा एमईएस को
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 03 May 2016 02:33 AM IST
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बम्हरौली स्थित वायुसेना के एयरपोर्ट पर सिविल इंक्लेव बनाने का काम सेना की निर्माण शाखा एमईएस (मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज) से कराया जाएगा। हाईकोर्ट में सोमवार को इस मुद्दे पर देर तक चली बहस के बाद वायुसेना और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच इस बाबत सहमति बनने के बाद हाईकोर्ट ने यह आदेश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य का भुगतान एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया करेगी। अधिवक्ता अजय कुमार मिश्र की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश दिया।
याची की ओर से अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने और प्रदेश सरकार का पक्ष रखने के लिए सीएससी रमेश उपाध्याय उपस्थित हुए। उन्होंने हलफनामा दाखिल कर बताया कि नए सिविल एयरपोर्ट के लिए सरकार कौशांबी के कटहुआ, गौसपुर और चंद्रभानपुर गांवों में 30.391 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत करेगी। जमीन किसानों की सहमति से ली जाएगी। इसके लिए 9500 प्रति वर्ग मीटर की दर से किसानों को भुगतान किया जाएगा। भूमि लेने में दो अरब 89 करोड़ 21 लाख 65 हजार 906 रुपये का खर्च आएगा। एयरपोर्ट अथॉरिटी का कहना था कि बम्हरौली एयरपोर्ट पर एयर लैंडिंग सिस्टम वायु सेना द्वारा लगवाया जाना चाहिए, जिसका खर्च अथॉरिटी उठाएगी। कोर्ट ने वायुसेना से कहा है कि वह एमईएस से सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रकिल काम करवाए। जिला प्रशासन को भी निर्देश दिया है वह एयरपोर्ट के क्रिटिकल एरिया में अतिक्रमण हटाने के लिए सेना और संबंधित विभागों के साथ बैठक करके शीघ्रता से अतिक्रमण हटवाए। याचिका पर 26 मई को अगली सुनवाई होगी।
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याची की ओर से अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने और प्रदेश सरकार का पक्ष रखने के लिए सीएससी रमेश उपाध्याय उपस्थित हुए। उन्होंने हलफनामा दाखिल कर बताया कि नए सिविल एयरपोर्ट के लिए सरकार कौशांबी के कटहुआ, गौसपुर और चंद्रभानपुर गांवों में 30.391 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत करेगी। जमीन किसानों की सहमति से ली जाएगी। इसके लिए 9500 प्रति वर्ग मीटर की दर से किसानों को भुगतान किया जाएगा। भूमि लेने में दो अरब 89 करोड़ 21 लाख 65 हजार 906 रुपये का खर्च आएगा। एयरपोर्ट अथॉरिटी का कहना था कि बम्हरौली एयरपोर्ट पर एयर लैंडिंग सिस्टम वायु सेना द्वारा लगवाया जाना चाहिए, जिसका खर्च अथॉरिटी उठाएगी। कोर्ट ने वायुसेना से कहा है कि वह एमईएस से सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रकिल काम करवाए। जिला प्रशासन को भी निर्देश दिया है वह एयरपोर्ट के क्रिटिकल एरिया में अतिक्रमण हटाने के लिए सेना और संबंधित विभागों के साथ बैठक करके शीघ्रता से अतिक्रमण हटवाए। याचिका पर 26 मई को अगली सुनवाई होगी।
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