दुर्गा पूजा : पर्यावरण संरक्षण का संदेश देगा बाई का बाग बारवारी दुर्गा पंडाल, 12 फीट ऊंची होगी देवी प्रतिमा
पंडाल की साज-सज्जा के लिए दो महीने से ही कारीगर दिन-रात पसीना बहा रहे हैं। ये बांस को फाड़ कर मंडप के अंदर गुलदस्ता नुमा आकृतियों को बना रहे हैं। बांस को विभिन्न रंगों से रंगा जा रहा है। इसकी सुंदरता व भव्यता देखते ही बन रही है।
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बाई का बाग स्थित प्रभाकर द्विवेदी पार्क में बारवारी दुर्गा पूजा पंडाल इस बार पर्यावरण संरक्षण के थीम पर तैयार किया जा रहा है। 97वें दुर्गोत्सव को भव्य और दिव्य बनाने के लिए दुर्गा पूजा पंडाल को असम के लचीले बांस से बनाया जा रहा है। पंडाल को बनाने के लिए पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदनीपुर जिले से 15 कारीगरों को बुलाया गया है। 15 अक्तूबर तक यह पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। नवरात्र की पंचमी को 12 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा का दिव्य रूप में दर्शन होगा। इनके दाएं-बाएं गणेश-लक्ष्मी और कार्तिकेय-सरस्वतीजी रहेंगे।
पंडाल की साज-सज्जा के लिए दो महीने से ही कारीगर दिन-रात पसीना बहा रहे हैं। ये बांस को फाड़ कर मंडप के अंदर गुलदस्ता नुमा आकृतियों को बना रहे हैं। बांस को विभिन्न रंगों से रंगा जा रहा है। इसकी सुंदरता व भव्यता देखते ही बन रही है।
कुल्हड़ से हो रही छत की सजावट
मां के दरबार की छत को मिट्टी के कुल्हड़ को झूमर के रूप में सजाया गया है। बांस की पतली-पतली तीलियों का भी सजावट में प्रयोग किया गया है। कारीगरों को 5.5 लाख रुपये में पंडाल बनाने का ठेका दिया गया है।
बांस से होगा मां का श्रृंगार
दुर्गा पूजा कमेटी सिर्फ पंडाल को ही पर्यावरण संरक्षण की थीम पर नहीं बना रही है, बल्कि मां का शृंगार भी प्राकृतिक चीजों से किया जा रहा है। पूजा कमेटी के कोषाध्यक्ष अंकित मुखर्जी और जय अग्रवाल ने बताया कि शृंगार की सामग्री बंगाल से ही मंगाई गई है। इसमें करीब 30 हजार रुपये तक खर्च आ रहा है। देवी प्रतिमा भी 80 हजार रुपये में आ रही है।
दुर्गा पूजा पंडाल में दिखेगी केदारनाथ धाम की झलक
शारदीय नवरात्र की तैयारी को लेकर शहर में अलग-अलग थीम पर पूजा पंडालों का निर्माण किया जा रहा है। कटरा में हनुमान पट्टी दुर्गापूजा कमेटी की ओर से 25वें दुर्गा पूजा पंडाल को केदारनाथ की थीम पर तैयार किया जा रहा है। यहां पंडाल के साथ मूर्ति भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।
कमेटी के अध्यक्ष किशन जायसवाल बताते हैं कि हमारा यह रजत जयंती उत्सव है। इसी वजह से पहली बार किसी थीम पर पूजा पंडाल बनाया जा रहा है। पिछले वर्षों तक यहां सामान्य पंडाल पर ही दुर्गा पूजा की जाती थी।
कमेटी के महामंत्री रजनीश यादव बताते हैं कि समूचे कटरा में उनका पंडाल इकलौता है, जो केदारनाथ धाम की थीम पर बन रहा है। पंडाल के बाहरी भाग को सजाने का कार्य चल रहा है। कमेटी के उपाध्यक्ष चंद्र किशोर के मुताबिक पंडाल को बनाने के लिए वाराणसी के 10 कारीगर 25 दिन पहले आए थे। कारीगर दिन-रात मेहनत करके पंडाल को भव्य स्वरूप देने में जुटे हुए हैं। लाइटिंग की भी खास व्यवस्था की जाएगी।
55 फीट ऊंचा, 35 फीट चौड़ा होगा पंडाल
कमेटी के संरक्षक रमाकांत रावत बताते हैं कि इस बार पंडाल के निर्माण में पांच लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यह पंडाल 55 फीट ऊंचा और 35 फीट चौड़ा होगा। यहां नवरात्र की पंचमी पर मूर्ति की स्थापना की जाएगी। मूर्ति की लागत 51 हजार रुपये आ रही है। यह पहली बार है, जब इतनी महंगी मूर्ति की स्थापना की जाएगी।