बच्ची ने कूड़े में फेंका आभूषणों भरा डिब्बा
म्योराबाद में रहने वाले हाईकोर्ट के पूर्व डिप्टी रजिस्ट्रार विनोद शेफर्ड के घर शादी में आई तीन साल की बच्ची ने रविवार सुबह गलती से अपनी मां का गहनों भरा डिब्बा कचरे में डाल दिया और यह कूड़ा नगर निगम की कूड़ा गाड़ी में पहुंच गया। गाड़ी निकलने के बाद विनोद को पता चला तो उन्होंने कूड़ा निस्तारण करने वाली एजेंसी में फोन किया और आनन-फानन में राजापुर में गाड़ी रोक गहने का डिब्बा निकाला गया।
पूर्व डिप्टी रजिस्ट्रार विनोद शेफर्ड के बेटे विनीत का मंगलवार को ब्याह होना है। उनके घर में तमाम रिश्तेदार जुट चुके हैं। शनिवार रात चेन्नई से उनके साले भी पत्नी रिया और बेटी जिया के साथ आ गए। साले की पत्नी ने रात में कुछ कचरा और खाली डिब्बे निकालकर एक पॉलीथिन में डाल दिए। सुबह उनकी तीन साल की बेटी जिया ने सूटकेस के पास रखा गहनों भरा डिब्बा भी खेल-खेल में कचरे वाली पॉलीथिन में डाल दिया। करीब ग्यारह बजे नगर निगम की कूड़ा उठाने वाली गाड़ी आई तो विनोद ने यह कचरा जाकर गाड़ी में डाल दिया।
गाड़ी जाने के कुछ मिनट बाद रिया को जेवरों का डिब्बा नहीं मिला तो पूछने पर बच्ची ने उसे पॉलीथिन में डालने के बारे में बताया। यह जानकर रिया घबरा गईं। उसमें करीब एक लाख रुपये कीमत के गहने थे। पता चलते ही विनोद शेफर्ड ने कूड़े का निस्तारण करने वाली एजेंसी हरी-भरी के टोल फ्री नंबर पर फोन किया तो कॉल इलाहाबाद में एजेंसी के चीफ आॉपरेटिंग आफिसर एमएम सिद्दिकी को ट्रांसफर कर दी।
सिद्दिकी ने मामला पता चलते ही कूड़ा लेकर जा रहे ट्रक को जहां का तहां रोकने के लिए कहा। ट्रक राजापुर रोडवेज वर्कशाप के पास रुका, जहां सिद्दिकी ने विनोद शेफर्ड को भी बुला लिया। उनकी मौजूदगी में गाड़ी की तलाशी कराई गई तो गहनों भरा डिब्बा मिल गया। विनोद ने कर्मचारी को नगद पुरस्कार दिया और डिब्बा लेकर चले गए।