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खुशियां बांटना ही बाबा का काम, जीना इसी का नाम
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 22 Jul 2016 01:51 AM IST
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व्हाट्सएप
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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‘मन के हारे हार है, मन के जीते जीत’ और थार्नहिल रोड के अपार्टमेंट में रहने वाले राजन अरोड़ा पूरी जिंदादिली से इसे साबित करते हैं। बुलंद हौसले और गजब का आत्मविश्वास राजन की शख्सियत का पर्याय है, इसी के बूते उन्होंने न सिर्फ अपनी जिंदगी बल्कि दूसरों की जिंदगी में भी संगीत भर दिया है। साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट कंपनी में काम करने वाला राजन रीढ़ की हड्डी में दिक्कत की वजह से वर्ष 2013 में जब बिस्तर पर पड़े तो ऐसा लगा मानो सब कुछ ठहर सा गया है, मगर उन्होंने न तो हार मानी न ही हताश हुए।
बाबा के नाम से अपनों के बीच मशहूर राजन ने अपने हुनर का इस्तेमाल करते हुए व्हाट्सएप पर कई ग्रुप बना रखे हैं, जिसके जरिए वह लोगों के गानों की फरमाइश को पूरी करते हैं। जो गाने कलेक्शन में नहीं होते हैं, उन्हें इंटरनेट से डाउनलोड करके भेजते हैं। उनसे गानों की फरमाइश करने वाले सिर्फ शहर में ही नहीं कई जिलों में भी हैं। ग्रुप से जुड़े विद्यार्थी, डॉक्टर, अधिकारी, शिक्षक सभी उनसे अपने पसंदीदा गानों की फरमाइश करते हैं जिसे वह अगले ही पल पूरा कर देते हैं। इसके लिए न कोई शुल्क है और न ही कोई और शर्त ही।
बचपन से ही गाना सुनने के शौकीन बाबा के पास गीतों का अच्छा संग्रह है। उन्होंने ‘ओल्ड गोल्ड लिस्नर्स’ और ‘गुड लिस्नर्स’ नामों से ग्रुप बनाकर दोस्तों, परिचितों को जोड़ रखा है। कोई किसी भी गीत की फरमाइश करे, बाबा उसे झट पूरा करते हैं। अब तक इन ग्रुप्स में कई सैकड़ा लोग जुड़ चुके हैं। ग्रुप्स में गानों की फरमाइश का सिलसिला दिन-रात चलता रहता है और बाबा उन्हें पूरा भी करते हैं।
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बाबा की पत्नी ऊषा अरोड़ा सरकारी विभाग में कार्यरत हैं। बेटी मानसी की शादी हो चुकी है और बेटा वत्स एमबीए की तैयारी के लिए दिल्ली की तैयारी में है। बाबा कहते हैं जिंदगी में जो तकलीफें आनी थीं, आ चुकी। इसका मतलब यह तो नहीं कि बाकी जिंदगी भी हताश होकर गुजार दी जाए। जिंदगी का साथ तो हर हाल में निभाना चाहिए। जिंदगी का नाम जिंदादिली भी है, जिसे मैंने साबित करने की कोशिश की है।
राजन गुड लिसनर्स के अलावा कई और ग्रुप्स भी चलाते हैं। ‘बिग बॉस’ में जहां उनके दोस्त जुड़े हुए हैं, वहीं ‘कर्मठ बेटियों’ में सिर्फ बेटियां जुड़ी हैं। इसमें गानों से इतर अलग-अलग मुद्दों पर भी चर्चा होती है। लोग एक-दूसरे से अपनी समस्याएं भी शेयर करते हैं। राजन समेत सभी सदस्य दिक्कतों से बाहर निकलने के रास्ते सुझाते हैं।
राजन अपने ग्रुप के जरिए सिर्फ पुराने और नये हिंदी फिल्मी गानों की ख्वाहिश ही नहीं पूरी करते बल्कि हर भाषा और विषय से जुड़े गानों का भी उनके पास अच्छा कलेक्शन हैं। इसमें भोजपुरी, राजस्थानी, गुजराती, उड़िया आदि भाषा के क्षेत्रीय गीत भी सदस्यों की डिमांड पर भेजते हैं।
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बाबा के नाम से अपनों के बीच मशहूर राजन ने अपने हुनर का इस्तेमाल करते हुए व्हाट्सएप पर कई ग्रुप बना रखे हैं, जिसके जरिए वह लोगों के गानों की फरमाइश को पूरी करते हैं। जो गाने कलेक्शन में नहीं होते हैं, उन्हें इंटरनेट से डाउनलोड करके भेजते हैं। उनसे गानों की फरमाइश करने वाले सिर्फ शहर में ही नहीं कई जिलों में भी हैं। ग्रुप से जुड़े विद्यार्थी, डॉक्टर, अधिकारी, शिक्षक सभी उनसे अपने पसंदीदा गानों की फरमाइश करते हैं जिसे वह अगले ही पल पूरा कर देते हैं। इसके लिए न कोई शुल्क है और न ही कोई और शर्त ही।
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बचपन से ही गाना सुनने के शौकीन बाबा के पास गीतों का अच्छा संग्रह है। उन्होंने ‘ओल्ड गोल्ड लिस्नर्स’ और ‘गुड लिस्नर्स’ नामों से ग्रुप बनाकर दोस्तों, परिचितों को जोड़ रखा है। कोई किसी भी गीत की फरमाइश करे, बाबा उसे झट पूरा करते हैं। अब तक इन ग्रुप्स में कई सैकड़ा लोग जुड़ चुके हैं। ग्रुप्स में गानों की फरमाइश का सिलसिला दिन-रात चलता रहता है और बाबा उन्हें पूरा भी करते हैं।
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बाबा की पत्नी ऊषा अरोड़ा सरकारी विभाग में कार्यरत हैं। बेटी मानसी की शादी हो चुकी है और बेटा वत्स एमबीए की तैयारी के लिए दिल्ली की तैयारी में है। बाबा कहते हैं जिंदगी में जो तकलीफें आनी थीं, आ चुकी। इसका मतलब यह तो नहीं कि बाकी जिंदगी भी हताश होकर गुजार दी जाए। जिंदगी का साथ तो हर हाल में निभाना चाहिए। जिंदगी का नाम जिंदादिली भी है, जिसे मैंने साबित करने की कोशिश की है।
राजन गुड लिसनर्स के अलावा कई और ग्रुप्स भी चलाते हैं। ‘बिग बॉस’ में जहां उनके दोस्त जुड़े हुए हैं, वहीं ‘कर्मठ बेटियों’ में सिर्फ बेटियां जुड़ी हैं। इसमें गानों से इतर अलग-अलग मुद्दों पर भी चर्चा होती है। लोग एक-दूसरे से अपनी समस्याएं भी शेयर करते हैं। राजन समेत सभी सदस्य दिक्कतों से बाहर निकलने के रास्ते सुझाते हैं।
राजन अपने ग्रुप के जरिए सिर्फ पुराने और नये हिंदी फिल्मी गानों की ख्वाहिश ही नहीं पूरी करते बल्कि हर भाषा और विषय से जुड़े गानों का भी उनके पास अच्छा कलेक्शन हैं। इसमें भोजपुरी, राजस्थानी, गुजराती, उड़िया आदि भाषा के क्षेत्रीय गीत भी सदस्यों की डिमांड पर भेजते हैं।