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आजम खां को झटका, किसानों की जमीन लेने के मामले में जौहर ट्रस्ट की याचिका खारिज
Wed, 21 Oct 2020 06:54 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 21 Oct 2020 06:54 PM IST
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पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जौहर विश्वविद्यालय द्वारा किसानों की जमीन का बैनामा कराने के मामले में मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के अध्यक्ष मोहम्मद आजम खां की याचिका में हस्तक्षेप करने सें इंकार करते हुए याचिका खारिज कर दी है। याचिका में राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश के निर्णय को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा है कि राजस्व परिषद के निर्णय में कोई अवैधानिकता नहीं है। इसलिए हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है।
याचिका पर न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की।राज्य सरकार के अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता सुधांशु श्रीवास्तव का कहना था कि अनुसूचित जाति के किसानों की जमीन बिना कलेक्टर की पूर्व अनुमति के बैनामा कराना गैरकानूनी है। ऐसा करना उ प्र जमींदारी उन्मूलन कानून की धारा 157 ए के विपरीत है। ऐसी भूमि का स्वामित्व राज्य सरकार में निहित हो जाता है ।
इससे पहले कोर्ट ने याची के अधिवक्ता सफदर काजमी को वीडियो लिंक न मिल पाने के कारण अदालत में हाजिर होकर बहस करने के लिए कहा था।।केस की दुबारा पुकार के बाद याची की तरफ से कोई अधिवक्ता नहीं आया तो कोर्ट ने पत्रावली के आधार पर बोर्ड के आदेश पर हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है और कहा है कि निचली अदालत के आदेश मे कोई अवैधानिकता नहीं है।
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याचिका पर न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की।राज्य सरकार के अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता सुधांशु श्रीवास्तव का कहना था कि अनुसूचित जाति के किसानों की जमीन बिना कलेक्टर की पूर्व अनुमति के बैनामा कराना गैरकानूनी है। ऐसा करना उ प्र जमींदारी उन्मूलन कानून की धारा 157 ए के विपरीत है। ऐसी भूमि का स्वामित्व राज्य सरकार में निहित हो जाता है ।
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इससे पहले कोर्ट ने याची के अधिवक्ता सफदर काजमी को वीडियो लिंक न मिल पाने के कारण अदालत में हाजिर होकर बहस करने के लिए कहा था।।केस की दुबारा पुकार के बाद याची की तरफ से कोई अधिवक्ता नहीं आया तो कोर्ट ने पत्रावली के आधार पर बोर्ड के आदेश पर हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है और कहा है कि निचली अदालत के आदेश मे कोई अवैधानिकता नहीं है।
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