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इविवि के संघटक कॉलेजों में शिक्षक भर्ती शुरू
अमर उजाला ब्यूरो/ इलाहाबाद
Updated Wed, 31 Aug 2016 01:59 AM IST
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वर्षों अंतराल के बाद इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के संघटक कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज की ओर से विज्ञापन जारी कर दिया गया है। कुल 13 विभागों में 33 अध्यापकों की भर्ती के लिए 20 सितंबर तक आवेदन मांगे गए हैं। इसी के साथ कॉलेज में लाइब्रेरियन के एक पद के लिए भी आवेदन मांगे गए हैं। अन्य कॉलेजों में भी रोस्टर का काम अंतिम चरण में है। अगले महीने के पहले पखवारा में नोटिफिकेशन की उम्मीद है।
गवर्निंग बॉडी के गठन को लेकर विवाद खत्म होने के बाद से भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार किया जा रहा था। इसकी शुरुआत ईश्वर शरण से हो गई है। कॉलेज में रिक्त तथा ओबीसी आरक्षण के अंतर्गत मिले पदों को मिलाकर प्राचीन इतिहास में असिस्टेंट प्रोफेसर के चार पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। सबसे अधिक पांच पद हिंदी साहित्य में है। इनके अलावा शिक्षाशास्त्र में दो, अंग्रेजी साहित्य में चार, मध्य एवं आधुनिक इतिहास में दो, दर्शशास्त्र में एक, राजनीति विज्ञान में तीन, मनोविज्ञान में दो, संस्कृत में एक, समाजशास्त्र में तीन, तथा कॉमर्स, अर्थशास्त्र एवं रक्षा अध्ययन में दो-दो पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। फार्म का प्रारूप कॉलेज की वेबसाइट पर उपलब्ध है। फार्म 20 सितंबर तक हाथोंहाथ या रजिस्टर्ड डाक से जमा करना है।
विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा मिले 11 वर्ष हो चुके हैं। इससे पहले से कॉलेजों में कोई भर्ती नहीं हुई है। कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी को लेकर लगातार विवाद बना रहा। इसकी वजह से अध्यापकों के ज्यादातर पद रिक्त हो गए हैं। कई विभागों में तो एक भी शिक्षक नहीं हैं। हालांकि ऑर्डिनेंस में संशोधन के प्रस्ताव पर मई में राष्ट्रपति की मुहर लग गई। ऐसे में वर्षों बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू हो पाई है।
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इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय में रिटायर शिक्षकों की पुनर्नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उनसे चार सितंबर तक आवेदन मांगे गए हैं। विश्वविद्यालय परिसर में इस साल से एमकॉम तथा तथा एमए हिंदी, समाज कार्य, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान एवं प्राचीन इतिहास विषयों की पढ़ाई शुरू करने का निर्णय लिया गया है। दाखिले की प्रक्रिया भी शुरू है। स्थायी नियुक्ति तक कक्षाएं रिटायर शिक्षक लेंगे। इसके लिए उनसे बायोडाटा मांगा गया है। बायोडाटा स्पीड पोस्ट या कुलपति के पास सीधे जमा किया जा सकता है।
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गवर्निंग बॉडी के गठन को लेकर विवाद खत्म होने के बाद से भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार किया जा रहा था। इसकी शुरुआत ईश्वर शरण से हो गई है। कॉलेज में रिक्त तथा ओबीसी आरक्षण के अंतर्गत मिले पदों को मिलाकर प्राचीन इतिहास में असिस्टेंट प्रोफेसर के चार पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। सबसे अधिक पांच पद हिंदी साहित्य में है। इनके अलावा शिक्षाशास्त्र में दो, अंग्रेजी साहित्य में चार, मध्य एवं आधुनिक इतिहास में दो, दर्शशास्त्र में एक, राजनीति विज्ञान में तीन, मनोविज्ञान में दो, संस्कृत में एक, समाजशास्त्र में तीन, तथा कॉमर्स, अर्थशास्त्र एवं रक्षा अध्ययन में दो-दो पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। फार्म का प्रारूप कॉलेज की वेबसाइट पर उपलब्ध है। फार्म 20 सितंबर तक हाथोंहाथ या रजिस्टर्ड डाक से जमा करना है।
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विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा मिले 11 वर्ष हो चुके हैं। इससे पहले से कॉलेजों में कोई भर्ती नहीं हुई है। कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी को लेकर लगातार विवाद बना रहा। इसकी वजह से अध्यापकों के ज्यादातर पद रिक्त हो गए हैं। कई विभागों में तो एक भी शिक्षक नहीं हैं। हालांकि ऑर्डिनेंस में संशोधन के प्रस्ताव पर मई में राष्ट्रपति की मुहर लग गई। ऐसे में वर्षों बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू हो पाई है।
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इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय में रिटायर शिक्षकों की पुनर्नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उनसे चार सितंबर तक आवेदन मांगे गए हैं। विश्वविद्यालय परिसर में इस साल से एमकॉम तथा तथा एमए हिंदी, समाज कार्य, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान एवं प्राचीन इतिहास विषयों की पढ़ाई शुरू करने का निर्णय लिया गया है। दाखिले की प्रक्रिया भी शुरू है। स्थायी नियुक्ति तक कक्षाएं रिटायर शिक्षक लेंगे। इसके लिए उनसे बायोडाटा मांगा गया है। बायोडाटा स्पीड पोस्ट या कुलपति के पास सीधे जमा किया जा सकता है।