फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Avamukteshwaranand said: It is important to wear Tilak, Choti, Kanthi, Janeu, Dhoti, Hindus should keep their

Mahakumbh: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोले- हिंदुओं को अपनी पहचान बनाए रखने के लिए धारण करनी चाहिए ये पांच चीजें

Thu, 06 Feb 2025 08:30 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)
अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज) Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 06 Feb 2025 08:30 PM IST
सार

ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि अपनी पहचान बनाए रखने के लिए तिलक, चोटी, कंठी, जनेऊ और धोती जैसे धर्मचिह्न धारण करना आवश्यक है।

विज्ञापन
Avamukteshwaranand said: It is important to wear Tilak, Choti, Kanthi, Janeu, Dhoti, Hindus should keep their
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि अपनी पहचान बनाए रखने के लिए तिलक, चोटी, कंठी, जनेऊ और धोती जैसे धर्मचिह्न धारण करना आवश्यक है। इसी तरह अपनी दिनचर्या में सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना, संध्या पूजन करना और दिन में समय से पवित्र भोजन कर रात्रि में जल्दी सोना ही युक्ताहार विहार कहलाता है।

विज्ञापन

वह बृहस्पतिवार को सेक्टर-12 में आयोजित परमधर्मसंसद में हिंदू पहचान, दिनचर्या, संस्कार विषय को संबोधित कर रहे थे। परमधर्मादेश जारी करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि हिंदुओं को अपने कम से कम 16 संस्कारों में से यथासंभव को अपनाना उचित होगा। पहली पहचान हमारी वेशभूषा व अलंकारों से होती है। कोई हमें देखे तो उसे पक्का हो जाए कि हम हिंदू हैं। बाद में हमें अपने आचरण और व्यवहार को भी वैसा ही रखना चाहिए। विचारों के स्तर पर हमारी पहचान वसुधैव कुटुंबकम, सर्वे भवंतु सुखिन:, अहिंसा परमो धर्म: है जिसे हमें बनाए रखना है।

विज्ञापन

शंकराचार्य ने कहा कि व्यक्ति, वस्तु या विचारों की विशिष्टता ही हमारी पहचान है। एक व्यक्ति के रूप में हमारा नाम, हमारा रूप, हमारी रुचियां, हमारे आचरण ही हमारी पहचान हैं। इसके विपरीत पहचान का संकट हमें वैयक्तिक, सामाजिक और सांस्कृतिक-धार्मिक दबाव या संघर्ष में डाल सकता है। इस दौरान प्रवीण भाई तोगड़िया, स्वामी रंगराजन महाराज, स्वामी दिलीप दास महाराज, धर्मदास महाराज, जन्मेजय शरण महाराज ने विचार व्यक्त किए। संचालन देवेंद्र पांडेय ने किया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed