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Atul Subhash Case: दहेज उत्पीड़न के 30 फीसदी मामले जांच में पाए गए झूठे, विवेचना में फर्जी पाए गए
Sun, 15 Dec 2024 06:42 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 15 Dec 2024 06:42 PM IST
सार
पिछले दो साल के आंकड़ों को देखें तो पता चलता है कि कुल दर्ज होने वाले मामलों में से लगभग 30 फीसदी विवेचना के दौरान फर्जी पाए गए हैं। कमिश्नरेट लागू होने के बाद जिले में दहेज उत्पीड़न के कुल 1481 मामले दर्ज हुए।
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फाइनल रिपोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
बंगलूरू के इंजीनियर अतुल सुभाष के सुसाइड की घटना की चर्चा पूरे देश में है। वैसे, दहेज उत्पीड़न के फर्जी मामलों की संख्या प्रयागराज में भी कम नहीं है। पिछले दो साल के आंकड़ों को देखें तो पता चलता है कि कुल दर्ज होने वाले मामलों में से लगभग 30 फीसदी विवेचना के दौरान फर्जी पाए गए हैं। कमिश्नरेट लागू होने के बाद जिले में दहेज उत्पीड़न के कुल 1481 मामले दर्ज हुए। जिसमें 1298 मुकदमों की विवेचना पूरी हुई है। इनमें 390 मामले फर्जी पाए गए हैं। यानी, लगभग 30 फीसदी मामले ऐसे हैं जिनमें आरोप गलत निकले।
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मौजूदा साल में हर तीन दिन में दो मुकदमे
मौजूदा साल के आंकड़ों की बात करें तो 14 दिसंबर तक जिले में दहेज उत्पीड़न के कुल 598 मामले दर्ज हो चुके हैं। अगले 15 दिन के भीतर ऐसे मामले सामने आने की रफ्तार यही रही तो साल भर में आंकड़ा लगभग 625 के आसपास पहुंच सकता है। इस तरह से देखें तो हर तीन दिन में दहेज उत्पीड़न के दो मुकदमे जिले में दर्ज हुए।
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