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Prayagraj News: एसआरएन में तीमारदार व चालक को पीटा, ड्यूटी पर तैनात विभाग के सभी डाॅक्टर निलंबित
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स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल में मरीज के इलाज को लेकर मारपीट हो गई। मामले में कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। कॉलेज के प्राचार्य ने घटना के दौरान ड्यूटी पर तैनात मेडिसिन विभाग के सभी सीनियर रेजिडेंट (एसआर) और जूनियर डॉक्टर (जेआर) को निलंबित कर दिया है।
अल्लापुर निवासी अधिवक्ता सर्वेश शुक्ला ने अस्पताल के 25 से 30 डॉक्टरों पर उन्हें और उनके चालक को कमरे में बंद कर पीटने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार शाम करीब सात बजे अपने चालक कृष्ण कुमार केसरवानी के साथ नरबहादुर नाम के व्यक्ति को इलाज के लिए एसआरएन अस्पताल ले गए थे।
अस्पताल के गार्ड ने उन्हें ट्रामा सेंटर के अंदर स्थित कमरा नंबर 2/40 में जाने को कहा। आरोप है कि वहां मौजूद मास्क और चश्मा लगाए एक डॉक्टर ने मरीज का इलाज करने से इन्कार कर दिया। चालक ने मरीज की गंभीर हालत बताई, लेकिन डॉक्टर ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
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डॉक्टर के व्यवहार का विरोध करने पर 10 से 15 डॉक्टर वहां पहुंच गए और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद करीब 15 अन्य डॉक्टर भी आ गए। सभी ने अधिवक्ता और उनके चालक को घसीटते हुए एक कमरे में ले जाकर दरवाजा बंद कर दिया। सर्वेश के मुताबिक, इस समूह में दो महिला डॉक्टर भी शामिल थीं।
डॉक्टरों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से दोनों पर हमला किया। इसी दौरान सर्वेश के गले से दो तोले की सोने की चेन और आईफोन 13 छीन लिया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कमरे के दरवाजे पर आवाज होने पर एक पुलिसकर्मी ने उन्हें उठाया और पानी पिलाया, जिसके बाद उन्हें होश आया। आरोप है कि थाने पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी प्रीति शुक्ला को बुलाया। पत्नी के थाने आने पर वहां मौजूद मास्क लगाए एक डॉक्टर ने पुलिसकर्मियों के सामने उनके पेट में लात मार दी।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
कोतवाली पुलिस ने अधिवक्ता सर्वेश शुक्ला की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली है। कोतवाली थाना प्रभारी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस अस्पताल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवाद किस बात पर शुरू हुआ था। घटना के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
विभागाध्यक्ष से मांगा स्पष्टीकरण
मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके वर्मा ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने घटना के दौरान इमरजेंसी मेडिसिन में ड्यूटी पर तैनात सभी सीनियर रेजिडेंट और जूनियर डॉक्टर को निलंबित कर दिया है। इन सभी डॉक्टरों को प्राचार्य कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। प्राचार्य ने मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज माथुर से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने इमरजेंसी मेडिसिन में मौके पर तैनात जूनियर डॉक्टरों की संख्या भी पूछी है। इसके साथ ही प्राचार्य डॉ. एके वर्मा ने विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज माथुर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। इस जांच टीम को दो दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
प्रकरण सामने आने के बाद मौके पर तैनात सभी जेआर व एसआर को निलंबित करके प्राचार्य कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित करके दो दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। कॉलेज में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दास्त नहीं की जाएगी। -डॉ. एके वर्मा, प्राचार्य, एमएलएन मेडिकल कॉलेज।
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अल्लापुर निवासी अधिवक्ता सर्वेश शुक्ला ने अस्पताल के 25 से 30 डॉक्टरों पर उन्हें और उनके चालक को कमरे में बंद कर पीटने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार शाम करीब सात बजे अपने चालक कृष्ण कुमार केसरवानी के साथ नरबहादुर नाम के व्यक्ति को इलाज के लिए एसआरएन अस्पताल ले गए थे।
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अस्पताल के गार्ड ने उन्हें ट्रामा सेंटर के अंदर स्थित कमरा नंबर 2/40 में जाने को कहा। आरोप है कि वहां मौजूद मास्क और चश्मा लगाए एक डॉक्टर ने मरीज का इलाज करने से इन्कार कर दिया। चालक ने मरीज की गंभीर हालत बताई, लेकिन डॉक्टर ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
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डॉक्टर के व्यवहार का विरोध करने पर 10 से 15 डॉक्टर वहां पहुंच गए और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद करीब 15 अन्य डॉक्टर भी आ गए। सभी ने अधिवक्ता और उनके चालक को घसीटते हुए एक कमरे में ले जाकर दरवाजा बंद कर दिया। सर्वेश के मुताबिक, इस समूह में दो महिला डॉक्टर भी शामिल थीं।
डॉक्टरों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से दोनों पर हमला किया। इसी दौरान सर्वेश के गले से दो तोले की सोने की चेन और आईफोन 13 छीन लिया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कमरे के दरवाजे पर आवाज होने पर एक पुलिसकर्मी ने उन्हें उठाया और पानी पिलाया, जिसके बाद उन्हें होश आया। आरोप है कि थाने पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी प्रीति शुक्ला को बुलाया। पत्नी के थाने आने पर वहां मौजूद मास्क लगाए एक डॉक्टर ने पुलिसकर्मियों के सामने उनके पेट में लात मार दी।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
कोतवाली पुलिस ने अधिवक्ता सर्वेश शुक्ला की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली है। कोतवाली थाना प्रभारी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस अस्पताल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवाद किस बात पर शुरू हुआ था। घटना के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
विभागाध्यक्ष से मांगा स्पष्टीकरण
मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके वर्मा ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने घटना के दौरान इमरजेंसी मेडिसिन में ड्यूटी पर तैनात सभी सीनियर रेजिडेंट और जूनियर डॉक्टर को निलंबित कर दिया है। इन सभी डॉक्टरों को प्राचार्य कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। प्राचार्य ने मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज माथुर से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने इमरजेंसी मेडिसिन में मौके पर तैनात जूनियर डॉक्टरों की संख्या भी पूछी है। इसके साथ ही प्राचार्य डॉ. एके वर्मा ने विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज माथुर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। इस जांच टीम को दो दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
प्रकरण सामने आने के बाद मौके पर तैनात सभी जेआर व एसआर को निलंबित करके प्राचार्य कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित करके दो दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। कॉलेज में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दास्त नहीं की जाएगी। -डॉ. एके वर्मा, प्राचार्य, एमएलएन मेडिकल कॉलेज।