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धर्म और संस्कृति पर प्रहार बर्दाश्त नहीं : महंत यमुना पुरी
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अलोपीबाग स्थित शंकराचार्यआश्रम में विहिप की बैठक काशुभारंभ करते महंत यमुना पुरी।अमर
- फोटो : shiv tripathi
विश्व हिंदू परिषद काशी प्रांत मार्गदर्शक मंडल की बैठक में संत समाज ने कहा कि धर्मांतरण अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हिंदू धर्म और संस्कृति पर प्रहार करने वाले लोग सावधान हो जाएं, आवश्यकता पड़ने पर संत समाज धर्म की रक्षा के लिए मुखर होकर आगे आएगा। दुनिया में केवल सनातन धर्म ही ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की बात करता है।
अलोपीबाग स्थित स्वामी वासुदेवानंद के आश्रम में रविवार को अशोक सिंघल की 100वीं जयंती पर हुए कार्यक्रम में साधु-संत जुटे थे। महानिर्वाणी अखाड़े के महंत यमुना पुरी ने कहा कि धर्म और संस्कृति पर प्रहार बर्दाश्त नहीं है। अशोक सिंघल राम मंदिर आंदोलन और समाज निर्माण को हिंदू समाज के संगठन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का महान अभियान मानते थे।
बैठक में नया उदासीन अखाड़ा से जगतार मुनि ने कहा कि अशोक सिंघल ने जीवनपर्यंत हिंदू समाज की एकता के लिए दृढ़ संकल्पित होकर कार्य किया।
कार्यक्रम की प्रस्तावना विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय सह मंत्री हरिशंकर ने रखी। बैठक में निर्वाणी अनी अखाड़ा से गोपाल दास महाराज, मछली बंदर से विमल देव आश्रम काशी, रामाश्रम शास्त्री (शृंग्वेरपुर), महामंडलेश्वर जयरामदास, मनोज ब्रह्मचारी, दिव्यानंद, रामेश्वर प्रपन्नाचार्य, विहिप प्रांत अध्यक्ष केपी सिंह, प्रांत संगठन मंत्री राजेंद्र ने भी विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर सुरेश अग्रवाल, आद्याशंकर मिश्रा, आनंद पांडे, वीरेंद्र मणि त्रिपाठी, शिवम द्विवेदी, ओम आनंद, भूपेंद्र सिंह, धनंजय मौजूद रहे।
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अलोपीबाग स्थित स्वामी वासुदेवानंद के आश्रम में रविवार को अशोक सिंघल की 100वीं जयंती पर हुए कार्यक्रम में साधु-संत जुटे थे। महानिर्वाणी अखाड़े के महंत यमुना पुरी ने कहा कि धर्म और संस्कृति पर प्रहार बर्दाश्त नहीं है। अशोक सिंघल राम मंदिर आंदोलन और समाज निर्माण को हिंदू समाज के संगठन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का महान अभियान मानते थे।
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बैठक में नया उदासीन अखाड़ा से जगतार मुनि ने कहा कि अशोक सिंघल ने जीवनपर्यंत हिंदू समाज की एकता के लिए दृढ़ संकल्पित होकर कार्य किया।
कार्यक्रम की प्रस्तावना विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय सह मंत्री हरिशंकर ने रखी। बैठक में निर्वाणी अनी अखाड़ा से गोपाल दास महाराज, मछली बंदर से विमल देव आश्रम काशी, रामाश्रम शास्त्री (शृंग्वेरपुर), महामंडलेश्वर जयरामदास, मनोज ब्रह्मचारी, दिव्यानंद, रामेश्वर प्रपन्नाचार्य, विहिप प्रांत अध्यक्ष केपी सिंह, प्रांत संगठन मंत्री राजेंद्र ने भी विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर सुरेश अग्रवाल, आद्याशंकर मिश्रा, आनंद पांडे, वीरेंद्र मणि त्रिपाठी, शिवम द्विवेदी, ओम आनंद, भूपेंद्र सिंह, धनंजय मौजूद रहे।
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