फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Atiq murder case: Even after retirement, the investigator of Raju Pal murder case used to live in fear, said -

अतीक हत्याकांड: रिटायरमेंट के बाद भी खौफ में रहते थे राजू पाल हत्याकांड के विवेचक, कहा- अब जाकर डर हुआ खत्म

Sun, 23 Apr 2023 06:10 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 23 Apr 2023 06:10 AM IST
सार

राजू पाल हत्याकांड में अतीक और उसके गुर्गों के खिलाफ विवेचना करने वाले विवेचक नारायण सिंह परिहार के खौफ का अब जाकर अंत हुआ है। रिटायरमेंट के बाद जब भी उन्हें गवाही के लिए बुलाया जाता, मन में एक खौफ तारी रहता कि कहीं अतीक और उसके गिरोह के लोग हमला न कर दें।

विज्ञापन
Atiq murder case: Even after retirement, the investigator of Raju Pal murder case used to live in fear, said -
Prayagraj News : अतीक अहमद, पूर्व सांसद। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

राजू पाल हत्याकांड में अतीक और उसके गुर्गों के खिलाफ विवेचना करने वाले विवेचक नारायण सिंह परिहार के खौफ का अब जाकर अंत हुआ है। रिटायरमेंट के बाद जब भी उन्हें गवाही के लिए बुलाया जाता, मन में एक खौफ तारी रहता कि कहीं अतीक और उसके गिरोह के लोग हमला न कर दें। विवेचना के दौरान तो उन्हें पाकिस्तान से भी धमकी भरे फोन आते थे।

विज्ञापन


राजू पाल हत्याकांड की विवेचना करने वाले नारायण सिंह परिहार बताते हैं कि उन पर बहुत दबाव रहता था। यहां पर अतीक के लोग उनसे मिलने आते और दबी जुबान में धमकाते कि अतीक से जिसने दुश्मनी ली। उसे वह छोड़ता नहीं। वह दुष्कर्म में भी फंसा सकता है। हालांकि नारायण कभी इन धमकियों से नहीं डरे। इसके बाद उन्हें पाकिस्तान के नंबरों से धमकी आने लगी। धमकाने वाले साफ कहते कि राजू पाल हत्याकांड में अतीक को फंसाया तो जान से हाथ धो बैठोगे। बाद में नारायण ने पाकिस्तान से आने वाली कॉल्स को उठाना बंद कर दिया था।

विज्ञापन

उन्होंने न सिर्फ अतीक और अशरफ के खिलाफ अकाट्य सुबूत जुटाए बल्कि गुड्डू मुस्लिम समेत सात अन्य आरोपियों का नाम पूरक चार्जशीट में शामिल किया। इससे अतीक बेहद नाराज हो गया था। नारायण सिंह बताते हैं कि रिटायरमेंट के बाद जब भी बयान के लिए कहीं बुलाया जाता तो एक खौफ रहता कि कहीं अतीक कोई वारदात न करा दे। जब भी वे बाहर जाते, हर वक्त चौकन्ना रहते। अब जब अतीक और अशरफ नहीं रहे तो उन्हें भी काफी राहत है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed