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Atiq Ashraf Murder: अतीक और अशरफ पर दनादन गोलियां बरसाने वाले शूटरों का है पहला हत्याकांड, ये सच हैरान कर देगा
Tue, 18 Apr 2023 05:46 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 18 Apr 2023 05:46 AM IST
सार
अतीक और अशरफ पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने वाले शूटरों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। दनादन गोलियां बरसाने वाले कुख्यात शूटरों का यह पहला हत्याकांड है। सनी पर हत्या के प्रयास, लवलेश-अरुण पर लूट के मुकदमे दर्ज हैं।
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Atiq Arshad Murder
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
माफिया अतीक अहमद व उसके भाई अशरफ की हत्या में गिरफ्तार शूटरों के बारे में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पता चला है कि 40 वर्षों से अपना वर्चस्व कायम कर आतंक का पर्याय बने रहे माफिया भाइयों पर जिन तीन शूटरों ने दनादन गोलियां बरसाईं, यह उनका पहला हत्याकांड था।
इससे पहले कभी किसी हत्या में उनका नाम सामने नहीं आया। इसे लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। वारदात का जो वीडियो फुटेज सामने आया है, उसे देखने से पता चलता है कि इस वारदात में सबसे पहले लवलेश तिवारी ने गोली चलाई।
उसने ही अतीक और अशरफ पर पहली गोली चलाई। इसके बाद उसने अपने साथी सनी और अरुण के साथ मिलकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं।
चौंकाने वाली बात यह है कि इन तीनों ही शूटरों की ओर से अंजाम दी गई हत्या की यह पहली वारदात है। इससे पहले उन पर आपराधिक मुकदमे तो दर्ज हुए, लेकिन इनमें हत्या का एक भी मुकदमा नहीं है। इसे लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
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इससे पहले कभी किसी हत्या में उनका नाम सामने नहीं आया। इसे लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। वारदात का जो वीडियो फुटेज सामने आया है, उसे देखने से पता चलता है कि इस वारदात में सबसे पहले लवलेश तिवारी ने गोली चलाई।
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उसने ही अतीक और अशरफ पर पहली गोली चलाई। इसके बाद उसने अपने साथी सनी और अरुण के साथ मिलकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं।
चौंकाने वाली बात यह है कि इन तीनों ही शूटरों की ओर से अंजाम दी गई हत्या की यह पहली वारदात है। इससे पहले उन पर आपराधिक मुकदमे तो दर्ज हुए, लेकिन इनमें हत्या का एक भी मुकदमा नहीं है। इसे लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
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तमंचे से फायर करने का था सबसे बड़ा मुकदमा
अतीक व अशरफ हत्याकांड से पहले लवलेश का नाम चार आपराधिक वारदातों में आया। पहली बार वह 2020 में अवैध शराब के साथ पकड़ा गया। फरवरी 2020 में उस पर नाबालिग से छेड़छाड़ व मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया। 2021 में उस पर मोबाइल फोन से धमकी देने के आरोप में केस दर्ज हुआ। जबकि नवंबर 2021 में उस पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज हुआ। जिसमें उस पर तमंचे से फायर झोंकने का आरोप लगा।
अतीक व अशरफ हत्याकांड से पहले लवलेश का नाम चार आपराधिक वारदातों में आया। पहली बार वह 2020 में अवैध शराब के साथ पकड़ा गया। फरवरी 2020 में उस पर नाबालिग से छेड़छाड़ व मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया। 2021 में उस पर मोबाइल फोन से धमकी देने के आरोप में केस दर्ज हुआ। जबकि नवंबर 2021 में उस पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज हुआ। जिसमें उस पर तमंचे से फायर झोंकने का आरोप लगा।
सनी सिंह
सनी पर यूं तो कुल 16 मुकदमे दर्ज हैं लेकिन उसका भी हत्या का यह पहला ही मुकदमा है। इससे पहले उस पर पुलिस पर हमले के साथ ही लूट के मुकदमे दर्ज थे। नशीले पदार्थों के साथ भी वह गिरफ्तार हुआ। जबकि पुलिस ने उसे अवैध हथियार संग भी पकड़ा। उसे कुख्यात सुंदर भाटी गैंग का सदस्य भी बताया जा रहा है लेकिन अब तक उसका नाम हत्या में सामने नहीं आया था।
सनी पर यूं तो कुल 16 मुकदमे दर्ज हैं लेकिन उसका भी हत्या का यह पहला ही मुकदमा है। इससे पहले उस पर पुलिस पर हमले के साथ ही लूट के मुकदमे दर्ज थे। नशीले पदार्थों के साथ भी वह गिरफ्तार हुआ। जबकि पुलिस ने उसे अवैध हथियार संग भी पकड़ा। उसे कुख्यात सुंदर भाटी गैंग का सदस्य भी बताया जा रहा है लेकिन अब तक उसका नाम हत्या में सामने नहीं आया था।
अरुण मौर्य
कासगंज का रहने वाला शूटर अरुण महज 18 साल का है। उस पर अतीक व अशरफ की हत्या से पहले सिर्फ लूट का एक मुकदमा है। यह मुकदमा पानीपत में दर्ज हुआ था। इससे पहले उसने कभी किसी पर गोली नहीं चलाई। कासगंज में उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।
कासगंज का रहने वाला शूटर अरुण महज 18 साल का है। उस पर अतीक व अशरफ की हत्या से पहले सिर्फ लूट का एक मुकदमा है। यह मुकदमा पानीपत में दर्ज हुआ था। इससे पहले उसने कभी किसी पर गोली नहीं चलाई। कासगंज में उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।
कहां से सात लाख की पिस्टल
सवाल यह भी है कि नशीले पदार्र्थों व अवैध शराब के साथ पकड़ जाने वाले बदमाशों के पास सात लाख कीमत वाली पिस्टलें कहां से आईं। वह भी तब जब इन हथियारों की भारत में सप्लाई अंतरराष्ट्रीय असलहा तस्कर रैकेट के जरिए ही संभव है। गौरतलब है कि हत्या में बरामद दो पिस्टलें तुर्किए में बनी जिगाना व गिरसान हैं जिनकी कीमत सात से आठ लाख रुपये है।
यह भी पढ़ें: Atiq-Ashraf Murder: नेताओं से लेकर अंडरवर्ल्ड तक को था अतीक के मुंह खोलने का डर, पुलिस से कबूले थे 14 नाम
सवाल यह भी है कि नशीले पदार्र्थों व अवैध शराब के साथ पकड़ जाने वाले बदमाशों के पास सात लाख कीमत वाली पिस्टलें कहां से आईं। वह भी तब जब इन हथियारों की भारत में सप्लाई अंतरराष्ट्रीय असलहा तस्कर रैकेट के जरिए ही संभव है। गौरतलब है कि हत्या में बरामद दो पिस्टलें तुर्किए में बनी जिगाना व गिरसान हैं जिनकी कीमत सात से आठ लाख रुपये है।
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अनाड़ी शूटरों पर डॉन क्यों लगाएंगे दांव?
इस मामले में एक चर्चा यह भी है कि सुपारी देकर अतीक व अशरफ की हत्या कराई गई हो। दरअसल सनी के सुंदर भाटी गैंग से कनेक्शन सामने आने के बाद यह चर्चा शुरू हुई है। हालांकि सवाल यह भी है कि कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के धंधे में लिप्त गैंग के मुखिया अनाड़ी शूटरों पर दांव क्यों लगाएंगे। कम से 14 से 15 लाख रुपये कीमत वाली पिस्टलें इन अनाड़ी अपराधियों के हाथ में कोई क्यों थमाएगा।
इस मामले में एक चर्चा यह भी है कि सुपारी देकर अतीक व अशरफ की हत्या कराई गई हो। दरअसल सनी के सुंदर भाटी गैंग से कनेक्शन सामने आने के बाद यह चर्चा शुरू हुई है। हालांकि सवाल यह भी है कि कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के धंधे में लिप्त गैंग के मुखिया अनाड़ी शूटरों पर दांव क्यों लगाएंगे। कम से 14 से 15 लाख रुपये कीमत वाली पिस्टलें इन अनाड़ी अपराधियों के हाथ में कोई क्यों थमाएगा।