अतीक-अशरफ हत्याकांड: शूटरों को किसने मुहैया कराए पैसे और प्रतिबंधित जिगाना पिस्टल, कई सवालों के नहीं मिले जवाब
Atiq Ashraf Murder News : इतनी महंगी प्रतिबंधित पिस्टल किसने उपलब्ध कराई। इसे खरीदने के लिए शूटरों के पास पैसे कहां से आए इन सवालों का जवाब अभी नहीं मिल सका है। सवाल यह उठ रहा है कि अतीक और अशरफ की हत्या से किसको फायदा होने वाला था।
विस्तार
माफिया अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के मामले में पुलिस ने गुरुवार को न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी। चार्जशीट में तीनों शूटरों सनी सिंह, लवलेश तिवारी और अरुण मौर्य को आरोपी बनाया गया है। हत्या के पीछे किसी साजिश की आशंका से इनकार किया गया है। यह बात किसी के गले के नीचे उतर नहीं रही है। इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने के पीछे किसी का हाथ न हो यह कोई मानने के लिए तैयार नहीं है।
आरोप पत्र पर सवाल उठ रहे हैं। इतनी महंगी प्रतिबंधित पिस्टल किसने उपलब्ध कराई। इसे खरीदने के लिए शूटरों के पास पैसे कहां से आए इन सवालों का जवाब अभी नहीं मिल सका है। सवाल यह उठ रहा है कि अतीक और अशरफ की हत्या से किसको फायदा होने वाला था। शूटरों की सीधे अतीक से कोई दुश्मनी भी सामने नहीं आई है। यह बात किसी के समझ में नहीं आ रही है कि आखिर मात्र लोकप्रियता के लिए कोई इतना बड़ा कदम कैसे उठा सकता है।
सवाल जिनके नहीं मिले जवाब
- चार्जशीट में सिर्फ सनी, लवलेश और अरुण के नाम। क्या ये संभव है कि इतनी बड़ी वारदात में उनकी किसी ने भी कोई मदद नहीं की। न पैसे से न हथियार से।
- जिगाना पिस्टल की कीमत पांच से सात लाख रुपये है। सनी ने इतने पैसे कहां से जुटाए। उसने 2021 में पिस्टल गैंगस्टर जितेंद्र गोगी से खरीदी थी। इतने पैसे उसके पास आए कहां से।
- तीनों आरोपियों ने घटना से एक महीने पहले बांदा से फर्जी आधार कार्ड बनवाए। फर्जी आधार कार्ड बनवाने में उनकी किसने मदद की। फर्जी कागजात किसने तैयार किए। उसकी हत्याकांड में क्या भूमिका है। यह सब पता चलना बाकी है।
पहली गोली मारी थी लवलेश ने
15 अप्रैल की रात सनी, लवलेश और अरुण मीडियाकर्मियों के साथ अस्पताल गेट पर खड़े थे। अतीक और अशरफ जैसे ही अंदर घुसे, लवलेश ने जिगाना पिस्टल से पहली गोली अतीक के सिर में मारी थी। अशरफ को पहली गोली सनी सिंह ने मारी। इसके बाद दोनों पर गोलियों की बौछार कर दी गई थी।