प्रयागराज : अली ने जंगल से बरामद कराई पिस्टल, पुलिस कस्टडी रिमांड पूरी होने पर अतीक के बेटे को भेजा गया जेल
अली पर पिछले साल 31 दिसंबर को करेली के प्रॉपर्टी डीलर जीशान उर्फ जानू ने पांच करोड़ की रंगदारी मांगने, हत्या के प्रयास समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया था। अली ने बुलडोजर से उसका कार्यालय भी गिरवा दिया था।
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अतीक के बेटे अली ने सोमवार तड़के बख्शी मोढ़ा के पास जंगल से पुलिस को पिस्टल बरामद कराई। पुलिस ने इसी पिस्टल की बरामदगी के लिए अदालत से कस्टडी रिमांड मांगी थी। अली से रात भर पूछताछ हुई। उसने पुलिस द्वारा पूछे गए अधिकतर सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दिए।
अली पर पिछले साल 31 दिसंबर को करेली के प्रॉपर्टी डीलर जीशान उर्फ जानू ने पांच करोड़ की रंगदारी मांगने, हत्या के प्रयास समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया था। अली ने बुलडोजर से उसका कार्यालय भी गिरवा दिया था। इस दौरान जमकर फायरिंग की गई थी। अली तब से फरार चल रहा था। पुलिस ने पहले उस पर 25 और फिर 50 हजार का इनाम घोषित किया था। पुलिस उसे पकड़ने का प्रयास कर रही थी लेकिन उसने 30 जुलाई को सरेंडर कर दिया। इसके बाद उसे नैनी जेल भेज दिया गया था।
पुलिस ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर कस्टडी रिमांड की मांग की थी। अदालत के आदेश पर रविवार को अली को नैनी जेल से कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। सूत्रों के मुताबिक उसने अधिकतर सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दिए। अलग-अलग अधिकारियों ने उससे घंटों पूछताछ की।
फरार इनामी अपराधियों के बारे में उसने बताया कि घटना के बाद वह उनसे नहीं मिला। न ही उनके संपर्क में है। बहुत मशक्कत के बाद अली ने घटना में प्रयुक्त पिस्टल के बारे में बताया कि उसे बख्शी मोढ़ा के जंगल में छिपाया है। पुलिस अली को लेकर बख्शी मोढ़ा पहुंची। वहां खोजबीन के बाद अली ने पिस्टल बरामद करवा दी। सीओ सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि कस्टडी रिमांड खत्म होने के बाद अली को वापस नैनी जेल भेज दिया गया।
फरारी के दौरान कोलकाता में रहा अली
अली ने बताया कि फरारी के दौरान वह कोलकाता के निकट एक अपार्टमेंट में फ्लैट किराए पर लेकर रहता था। उसके साथ कुछ दोस्त भी थे।