लॉक डाउन बढ़ने के कारण असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा के चयनितों की नियुक्ति फिर फंस गई है। देरी के कारण दो विषयों में चयनित 278 अभ्यर्थी अन्य विषयों में चयनित अभ्यर्थियों से जूनियर हो जाएंगे जबकि सभी ने एक साथ परीक्षा दी थी। लॉक डाउन के बाद ही ज्वाइनिंग की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। देर से ज्वाइन करने के कारण वेतन और प्रमोशन पर असर पड़ेगा। विज्ञापन संख्या 47 के तहत प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में 35 विषयों में असिस्टेट प्रोफेसर के 1150 पदों पर भर्ती होनी है।
इनमें से 33 विषयों का परिणाम जारी किया जा चुका है और 31 विषयों के चयनितों की ऑनलाइन काउंसलिंग की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। इन अभ्यर्थियों को ज्वाइनिंग भी मिल चुकी है। वहीं, हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय के 278 चयनितों की ऑनलाइन काउंसलिंग फंसी हुई है। हालांकि इन चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग के लिए उच्च शिक्षा निदेशलय ने 10 मार्च तक इनके संशोधित मोबाइल नंबर मांगे थे।
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- फोटो : social media
निदेशालय की योजना थी कि 10 मार्च के बाद ऑनलाइन कांउसलिंग शुरू कराकर इन्हें कॉलेज आवंटित कर दिए जाएं लेकिन इस बीच कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैलने के कारण काउंसलिंग शुरू नहीं कराई जा सकी। ऐसे में हिंदी विषय में चयनित 166 और राजनीति विज्ञान विषय में चयनित 121 अभ्यर्थियों को अब तक ज्वाइनिंग नहीं मिल सकी है। अब तीन मई तक कुछ होना भी नहीं है। अभ्यर्थियों को नियुक्ति के लिए कम से कम अगले माह तक इंतजार करना होगा जबकि उन्हीं के साथ परीक्षा देने वाले 31 विषयों के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल चुकी है।
ऐसे में हिंदी और राजनीति विज्ञान विषय के अभ्यर्थी अब अपने ही साथियों से जूनियर हो जाएंगे। इसका असर उनके वेतन, प्रमोशन आदि पर भी पड़ेगा। उधर, इस भर्ती के तहत समाजशास्त्र और शिक्षाशास्त्र विषय का रिजल्ट भी अब तक जारी नहीं किया जा सका है। ऐसे में इन दोनों विषयों के अभ्यर्थियों को भी नुकसान उठाना पड़ेगा।