विधानसभा चुनाव 2022 : मेजा और प्रतापपुर से बसपा प्रत्याशियों ने किया नामांकन
नामांकन की प्रक्रिया कलक्ट्रेट तथा सदर तहसील परिसर में दिन में 11 बजे शुरू हुई। इसके मद्देनजर मनमोहन पार्क, लक्ष्मी टाकीज चौराहा आदि स्थानों पर बैरिकेडिंग रही। कलक्ट्रेट तथा सदर तहसील परिसर में भी आम लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है।
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नामांकन शुरू होने के दूसरे दिन बुधवार को कुल दो लोगों ने पर्चा भरा। बसपा के सर्वेश चंद्र उर्फ बाबा तिवारी ने मेजा तथा घनश्याम पांडेय ने प्रतापपुर से नामांकन किया। बुधवार को 94 लोग नामांकन फॉर्म भी ले गए। अब तक कुल 201 लोग फॉर्म ले चुके हैं।
नामांकन की प्रक्रिया कलक्ट्रेट तथा सदर तहसील परिसर में दिन में 11 बजे शुरू हुई। इसके मद्देनजर मनमोहन पार्क, लक्ष्मी टाकीज चौराहा आदि स्थानों पर बैरिकेडिंग रही। कलक्ट्रेट तथा सदर तहसील परिसर में भी आम लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। नामांकन के दौरान दोनों परिसरों तथा आसपास क्षेत्रों में भारी फोर्स तैनात रही।
नामांकन के लिए दूसरे दिन भी बहुत भीड़ नहीं रही लेकिन दो प्रमुख प्रत्याशियों ने पर्चा भरा। मेजा और प्रतापपुर के बसपा उम्मीदवार बिना किसी जुलूस के कलक्ट्रेट पहुंचे और नामांकन किए।
अन्य विधानसभा क्षेत्रों के लिए किसी से नामांकन नहीं किया। उधर, डीएम संजय कुमार खत्री ने सभी 12 विधानसभाओं के नामांकन कक्षों का निरीक्षण किया तथा आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने चुनावी ड्यूटी में शामिल कर्मचारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम की बाबत भी जानकारी ली।
सात को आ जाएंगे सभी विधानसभा के पर्यवेक्षक
विधानसभा चुनाव के मद्देनजर निर्वाचन आयोग की ओर से तीन पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है। एएस महादेवन कृष्णन को फूलपुर, पश्चिमी, उत्तरी और दक्षिणी का पर्यवेक्षक बनाया गया है। एमएस खेत्रपाल मेजा, करछना, बारा एवं कोरांव तथा आनंद कुमार सिंह फाफामऊ, हंडिया, प्रतापपुर और सोरांव के पर्यवेक्षक होंगे। तीन अफसर सात फरवरी को यहां आ जाएंगे।
बाबा तिवारी पर दर्ज हैं नौ मुकदमे, 50 लाख अचल संपत्ति के मालिक
बहुजन समाज पार्टी से मेजा विधान सभा के प्रत्याशी सर्वेश चंद्र तिवारी उर्फ बाबा तिवारी के पर 9 मुकदमे दर्ज हैं। बुधवार को नामांकन करने पहुंचे सर्वेश की ओर से जमा शपथ पत्र में दर्ज सूचनाओं के मुताबिक उनके पास कुल 50 लाख की अचल संपत्ति और पांच लाख की चल संपत्ति है। इसके साथ ही दो लाख रुपये नकद और एक लाख की एलआईसी भी है।
पढ़ाई की बात करें तो सर्वेश ने मध्य प्रदेश से एमएससी, एमफिल और एलएलबी की डिग्री हासिल की है। राजनीतिक जीवन में उन्होंने पहली बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा और विजयी बने।
इसके बाद कांग्रेस के टिकट पर मेजा विधान सभा से 2012 में चुनाव लड़ा। 2017 में निषाद पार्टी से चुनाव लड़े और 2021 में उनकी पत्नी उमा तिवारी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जिला पंचायत सदस्य बनीं। पत्नी के पास करीब एक लाख रुपये नकद और 74 हजार की अचल संपत्ति है।
करोड़पति हैं प्रतापपुर से बसपा प्रत्याशी घनश्याम पांडेय
बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर प्रतापपुर विधान सभा सीट से चुनाव लड़ रहे घनश्याम पांडेय के पास इंजीनियरिंग की डिग्री है। उन्होंने मदन मोहन मालवीय कॉलेज से बीई की डिग्री हासिल की है। नामांकन के दौरान दाखिल शपथ पत्र के अनुसार वह करोड़पति हैं। उनके पास करीब एक करोड़ से अधिक की संपत्ति है। इसमें बैंक खातों में करीब 32 लाख रुपये जमा हैं।
इसके अलावा उनके पास करीब 52 हजार रुपये नकद हैं और पांच लाख रुपये कीमत का सोना है। 2 लाख रुपये से अधिक के बांड भी हैं। इसके अलावा लखनऊ में व्यावसायिक भवन और अलग-अलग क्षेत्रों में प्लाट व जमीनें हैं, जिनकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये है।
घनश्याम की पत्नी बृज कुमारी पांडेय भी संपत्ति में अपने पति से कम नहीं हैं। शपथ पत्र के अनुसार उनकी पत्नी के पास करीब दो करोड़ कीमत की कृषि भूमि है। वहीं करीब सात करोड़ रुपये से अधिक की कीमत के व्यावसायिक भवन व अपार्टमेंट आदि हैं।