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High Court : जमीन हड़पने के आरोपी पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी की गिरफ्तारी पर रोक
Sun, 21 Jun 2026 07:21 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 21 Jun 2026 07:21 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिजनौर के शेरकोट में सहकारी आवास समिति की करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने के आरोपी पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। उन्हें पुलिस विवेचना में सहयोग करने का आदेश दिया है।
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अदालत(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिजनौर के शेरकोट में सहकारी आवास समिति की करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने के आरोपी पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। उन्हें पुलिस विवेचना में सहयोग करने का आदेश दिया है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने पूर्व विधायक की याचिका पर दिया है। आवास समिति के सदस्य शाहिद अली ने मोहम्मद गाजी, उनके भाई कमाल, मुजाहिद और दानिश के अलावा तालिब, सलीम अहमद, फय्याज अहमद, वसीम, शमीम, नसीम, मुनीर, सचिव शौकत अली, नसीमा खातून और कासिम समेत 14 के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
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आरोप है कि 1989 में शेरकोट सहकारी आवास समिति लिमिटेड ने अब्दुल अजीज से 25 बीघे जमीन खरीदने का इकरारनामा किया था। पूरी धनराशि का भुगतान भी कर दिया गया था। हालांकि, बैनामा होने से पहले ही विक्रेता की मृत्यु हो गई। इसके बाद समिति के तत्कालीन सचिव शौकत अली ने विक्रेता के वारिसों के साथ मिलीभगत कर केवल 12.50 बीघे जमीन ही समिति के नाम कराई, जबकि शेष साजिश के तहत हड़प ली गई।
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भूमाफिया तालिब ने मुख्य सूत्रधार की भूमिका निभाते हुए फर्जी सदस्यों का निर्माण किया, जाली रसीदें काटीं और अपने सहयोगियों के साथ मिलकर आपसी बैनामों के जरिये पूरी संपत्ति पर अवैध कब्जा कर लिया। इसके अलावा शाहिद ने आरोपियों पर जानलेवा हमले का आरोप भी लगाया है। शाहिद की तहरीर पर दर्ज मुकदमा रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग के साथ पूर्व विधायक ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।