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गंगा आरती मंच समेत कई निर्माण सेना ने गिराए
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Army action in Sangam area at Prayagaj
- फोटो : CITY DESK
मेला-परेड मैदान में ट्यूबवेल के कमरे भी ध्वस्त किए गए
एसएसपी कार्यालय पर तैनात किए गए हैं सेना के जवान
आईसीसीसी पर भी बोर्ड लगाने पहुंचे, कर्मचारियों का विरोध
प्रयागराज। प्रशासन के साथ विवाद और वार्ता के बीच परेड मैदान में सेना की कार्रवाई मंगलवार को भी जारी रही। संगम किनारे गंगा आरती के लिए बने मंच समेत कई निर्माण सेना ने ढहा दिए। देर शाम तक चली कार्रवाई में ट्यूबवेल के कमरे भी गिरा दिए गए। सबसे विवादित एसएसपी कार्यालय पर भी सेना के जवान तैनात कर दिए गए हैं। आईसीसीसी पर भी बोर्ड लगाने के लिए जवान पहुंचे थे। कर्मचारियों के विरोध के बाद वहां सेना का बोर्ड नहीं लग सका, लेकिन गतिरोध जारी है।
परेड में हुए स्थायी निर्माण को लेकर प्रशासन और सेना के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। सबसे अधिक विवाद एसएसपी कार्यालय तथा आईसीसीसी को लेकर है। इन विवादों के समाधान के लिए प्रशासन और सेना के बीच वार्ता जारी है। जरूरी निर्माण के लिए प्रशासन की ओर से प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए नापजोख भी हुई। ऐसे में जल्द विवाद खत्म होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन इस पहल के बीच सेना की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी है। जलापूर्ति के लिए परेड में जगह-जगह ट्यूबवेल लगे हैं। उनके संचालन के लिए कमरे भी बने थे। जेसीबी आदि के साथ मंगलवार को पहुंचे जवानों ने पंप को छोड़कर अन्य सभी निर्माण ध्वस्त कर दिए। जगह-जगह लगीं नल की टोटियां भी उखाड़ दीं। लोक निर्माण विभाग के स्टोर (टू) तथा अन्य निर्माण भी सेना ने गिरा दिए। संगम महाआरती समिति जिला प्रशासन की ओर से जगदीश रैंप पर निर्मित आरती स्थल तथा अन्य कई निर्माण गिर दिए। वहां आठ मंच हैं। सेना ने बीच में बने सबसे बड़े मंच को भी गिरा दिया। इसके अलावा टीन बाड़ा, गेट, बैरिकेडिंग आदि भी हटा दिए। सभा आदि के लिए परेड में बना विशाल मंच भी हटा दिया गया।
बिना अनुमति बने एसएसपी कार्यालय पर सेना के जवान हमेशा तैनात रहते हैं। बताया जा रहा है कि उनकी ड्यूटी लगाई गई है। मंगलवार को सेना के जवान मेला प्रशासन कार्यालय भी पहुंचे थे। वहां तैनात कर्मचारियों का कहना है कि वे आईसीसीसी पर सेना का बोर्ड लगाना चाहते थे। कर्मचारियों ने वरिष्ठ अफसरों की मौजूदगी में बोर्ड लगाने की बात कही। इसके बाद वे वापस हो गए। हालांकि, वार्ता के बीच इस तरह की कार्रवाई से प्रशासन के अफसरों पर दबाव बढ़ गया है। मंडलायुक्त डॉ.आशीष कुमार गोयल का कहना है कि सेना की कार्रवाई पर नजर है। उनसे वार्ता भी की जा रही है। जल्द समाधान निकाल लिया जाएगा।
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एसएसपी कार्यालय पर तैनात किए गए हैं सेना के जवान
आईसीसीसी पर भी बोर्ड लगाने पहुंचे, कर्मचारियों का विरोध
प्रयागराज। प्रशासन के साथ विवाद और वार्ता के बीच परेड मैदान में सेना की कार्रवाई मंगलवार को भी जारी रही। संगम किनारे गंगा आरती के लिए बने मंच समेत कई निर्माण सेना ने ढहा दिए। देर शाम तक चली कार्रवाई में ट्यूबवेल के कमरे भी गिरा दिए गए। सबसे विवादित एसएसपी कार्यालय पर भी सेना के जवान तैनात कर दिए गए हैं। आईसीसीसी पर भी बोर्ड लगाने के लिए जवान पहुंचे थे। कर्मचारियों के विरोध के बाद वहां सेना का बोर्ड नहीं लग सका, लेकिन गतिरोध जारी है।
परेड में हुए स्थायी निर्माण को लेकर प्रशासन और सेना के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। सबसे अधिक विवाद एसएसपी कार्यालय तथा आईसीसीसी को लेकर है। इन विवादों के समाधान के लिए प्रशासन और सेना के बीच वार्ता जारी है। जरूरी निर्माण के लिए प्रशासन की ओर से प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए नापजोख भी हुई। ऐसे में जल्द विवाद खत्म होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन इस पहल के बीच सेना की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी है। जलापूर्ति के लिए परेड में जगह-जगह ट्यूबवेल लगे हैं। उनके संचालन के लिए कमरे भी बने थे। जेसीबी आदि के साथ मंगलवार को पहुंचे जवानों ने पंप को छोड़कर अन्य सभी निर्माण ध्वस्त कर दिए। जगह-जगह लगीं नल की टोटियां भी उखाड़ दीं। लोक निर्माण विभाग के स्टोर (टू) तथा अन्य निर्माण भी सेना ने गिरा दिए। संगम महाआरती समिति जिला प्रशासन की ओर से जगदीश रैंप पर निर्मित आरती स्थल तथा अन्य कई निर्माण गिर दिए। वहां आठ मंच हैं। सेना ने बीच में बने सबसे बड़े मंच को भी गिरा दिया। इसके अलावा टीन बाड़ा, गेट, बैरिकेडिंग आदि भी हटा दिए। सभा आदि के लिए परेड में बना विशाल मंच भी हटा दिया गया।
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बिना अनुमति बने एसएसपी कार्यालय पर सेना के जवान हमेशा तैनात रहते हैं। बताया जा रहा है कि उनकी ड्यूटी लगाई गई है। मंगलवार को सेना के जवान मेला प्रशासन कार्यालय भी पहुंचे थे। वहां तैनात कर्मचारियों का कहना है कि वे आईसीसीसी पर सेना का बोर्ड लगाना चाहते थे। कर्मचारियों ने वरिष्ठ अफसरों की मौजूदगी में बोर्ड लगाने की बात कही। इसके बाद वे वापस हो गए। हालांकि, वार्ता के बीच इस तरह की कार्रवाई से प्रशासन के अफसरों पर दबाव बढ़ गया है। मंडलायुक्त डॉ.आशीष कुमार गोयल का कहना है कि सेना की कार्रवाई पर नजर है। उनसे वार्ता भी की जा रही है। जल्द समाधान निकाल लिया जाएगा।

Army action in Sangam area at Prayagaj- फोटो : CITY DESK
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