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Prayagraj News: क्षेत्रीय प्रबंधक से मिले एआरएम, कहा- साजिश के तहत फंसाया गया
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छुट्टी स्वीकृत करने के एवज में सुविधा शुल्क लिए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद सिविल लाइंस डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक जयकरन प्रसाद शनिवार को क्षेत्रीय प्रबंधक रविंद्र कुमार से मिले। इस दौरान इस प्रकरण में उन्होंने अपना बयान दर्ज कराया।
उन्होंने कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है। एआरएम ने अपना लिखित बयान भी दिया। बयान मिलने के बाद क्षेत्रीय प्रबंधक ने अपनी रिपोर्ट में लगाकर इसे लखनऊ मुख्यालय भेज दिया है।
बीते दिनों एआरएम सिविल लाइंस का एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो के माध्यम से आरोप लगाया था कि एआरएम ने 14 दिन की छुट्टी स्वीकृति के लिए तीन हजार रुपये सुविधा शुल्क लिया। रुपये गिनते हुए वह वीडियो में कैद हो गए। हालांकि, इस वीडियो की अमर उजाला पुष्टि नहीं करता है।
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रोडवेज यूनियन के पदाधिकारी लगातार मांग कर रहे हैं कि एआरएम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो। इस बीच बंगलूरू से प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रयागराज लौटे क्षेत्रीय प्रबंधक रविंद्र कुमार से मुलाकात के लिए एआरएम सिविल लाइंस शनिवार को राजापुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे।
वहां उन्होंने पहले अपना मौखिक और बाद में लिखित बयान दिया। कहा कि रोडवेज के पूर्व कर्मचारी के खिलाफ उन्होंने तेल घोटाले में कार्रवाई की थी। उसी का बदला लेने के लिए वह साजिश के तहत उनके कार्यालय में आया। बातचीत चल रही थी।
इस दौरान उन्होंने रुपये देकर चाय मंगाई। चाय के लिए जेब से रुपये निकाले थे। इसके बाद बाकी बचे हुए रुपयों को जेब में रखने लगे तो पूर्व कर्मचारी ने वीडियो बना लिया। कहा कि यह रुपये लेने की वीडियो नहीं है।
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उन्होंने कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है। एआरएम ने अपना लिखित बयान भी दिया। बयान मिलने के बाद क्षेत्रीय प्रबंधक ने अपनी रिपोर्ट में लगाकर इसे लखनऊ मुख्यालय भेज दिया है।
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बीते दिनों एआरएम सिविल लाइंस का एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो के माध्यम से आरोप लगाया था कि एआरएम ने 14 दिन की छुट्टी स्वीकृति के लिए तीन हजार रुपये सुविधा शुल्क लिया। रुपये गिनते हुए वह वीडियो में कैद हो गए। हालांकि, इस वीडियो की अमर उजाला पुष्टि नहीं करता है।
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रोडवेज यूनियन के पदाधिकारी लगातार मांग कर रहे हैं कि एआरएम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो। इस बीच बंगलूरू से प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रयागराज लौटे क्षेत्रीय प्रबंधक रविंद्र कुमार से मुलाकात के लिए एआरएम सिविल लाइंस शनिवार को राजापुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे।
वहां उन्होंने पहले अपना मौखिक और बाद में लिखित बयान दिया। कहा कि रोडवेज के पूर्व कर्मचारी के खिलाफ उन्होंने तेल घोटाले में कार्रवाई की थी। उसी का बदला लेने के लिए वह साजिश के तहत उनके कार्यालय में आया। बातचीत चल रही थी।
इस दौरान उन्होंने रुपये देकर चाय मंगाई। चाय के लिए जेब से रुपये निकाले थे। इसके बाद बाकी बचे हुए रुपयों को जेब में रखने लगे तो पूर्व कर्मचारी ने वीडियो बना लिया। कहा कि यह रुपये लेने की वीडियो नहीं है।