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अर्द्धकुंभ तक तैयार नहीं हो सकेगा संगम के ऊपर पुल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 27 Dec 2016 02:04 AM IST
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नैनी को झूंसी से जोड़ने के लिए संगम के नजदीक बनने वाले फोरलेन एलीवेटेड पुल का शिलान्यास मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भले ही कर दिया, लेकिन इसके निर्धारित समय में पूरा होने के कोई आसार नहीं हैं। ऐसे में वर्ष 2019 में लगने वाले अर्द्धकुंभ में श्रद्धालुओं को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। ऐसा इसलिए कि पहले तो निर्माण एजेंसी जल निगम की कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) ने पुल तैयार करने की अवधि 30 माह निर्धारित की है। दूसरे अभी जमीन के अधिग्रहण और कई विभागों की एनओसी भी नहीं मिली है। यह काम पूरा होने में एक माह से अधिक का समय लग सकता है। इस बीच माघ मेला भी शुरू हो जाएगा। ऐसे में मेला खत्म होने के बाद यानी मार्च 2017 में काम शुरू होने की संभावना है और तय समय अवधि यानी जून 2019 में पूरा करने का लक्ष्य है।
इस पुल की लागत 1252.58 करोड़ रुपये निर्धारित है। संगम के नजदीक से गुजरने वाले पुल की लंबाई 1632 मीटर होगी। इसके साथ नैनी में अरैल की ओर नए यमुना पुल से महेश योगी आश्रम तक 3019 मीटर लंबी फोर लेन सड़क बनाई जाएगी। अरैल बांध को चौड़ा करने के लिए 368 मीटर लंबाई में फोरलेन वायाडक्ट बनेगा। इसी तरह झूंसी साइड में गंगा के बाएं तट पर 2208 मीटर लंबाई में वायाडक्ट एवं 53 मीटर फोरलेन सड़क बनाई जाएगी, जिसे शास्त्री पुल से जोड़ा जाएगा। शास्त्री पुल के निकट होल्डिंग क्षेत्र बनेगा जहां से मेला के दौरान वृद्ध, अशक्त एवं दिव्यांग स्नानार्थी वायाडक्ट पर आ सकेंगे। वायाडक्ट से गंगा के बेड तक पहुंचने के लिए 10 लिफ्ट लगाई जाएगी। स्नानार्थी इन लिफ्टों के जरिए सीधे संगम के पास उतरकर स्नान कर सकेंगे।
सीएंडडीएस के परियोजना प्रबंधक कमल सिंह के मुताबिक जमीन अधिग्रहण का काम जिला प्रशासन के स्तर से हो रहा है। एडीए, सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी से एनओसी मिल गई है, जबकि पर्यावरण समेत अन्य विभागों से एनओसी मिलना बाकी है। यह सभी औपचारिकताएं जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। बताया कि पुल का निर्माण शुरू होने के बाद काम तेजी से कराया जाएगा। पुल अर्द्धकुंभ तक तैयार कराने का प्रयास किया जाएगा।
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प्रदेश सरकार ने पुल के रूप में इलाहाबादियों को बड़ी सौगात दी है। इसका सबसे ज्यादा फायदा नैनी से झूंसी आने जाने वालों और भारी वाहनों को होगा, क्योंकि अभी तक इन क्षेत्रों के लोगों और भारी वाहनों को नए यमुना ब्रिज से होकर जाना-आना पड़ता है और यह दूरी करीब दस किलोमीटर पड़ती है। पुल बनने के यह दूरी महज तीन किलोमीटर रह जाएगी। वाराणसी से आकर मध्य प्रदेश की ओर जाने वाले वाहनों के कारण फोर्ट रोड, बैरहना में लगने वाले जाम की समस्या भी खत्म होगी।
नया पुल बनाने के साथ झूंसी में हाईवे को छह लेन का किया जाएगा। यह काम लोक निर्माण विभाग कराएगा। दरअसल कुंभ, अर्द्धकुंभ और हर वर्ष लगने वाले माघ मेला के दौरान वाराणसी की ओर से आने वाले भारी वाहनों को अंदावा चौराहा से प्रतिबंधित कर दिया जाता है। यह सड़क छह लेन की होने के बाद अंदावा चौराहा से शास्त्री पुल होकर वाहन निकल सकेंगे। साथ ही शास्त्री पुल के निकट स्थित होल्डिंग क्षेत्र तक श्रद्धालुओं के लिए अलग कॉरीडोर उपलब्ध हो सकेगा।
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इस पुल की लागत 1252.58 करोड़ रुपये निर्धारित है। संगम के नजदीक से गुजरने वाले पुल की लंबाई 1632 मीटर होगी। इसके साथ नैनी में अरैल की ओर नए यमुना पुल से महेश योगी आश्रम तक 3019 मीटर लंबी फोर लेन सड़क बनाई जाएगी। अरैल बांध को चौड़ा करने के लिए 368 मीटर लंबाई में फोरलेन वायाडक्ट बनेगा। इसी तरह झूंसी साइड में गंगा के बाएं तट पर 2208 मीटर लंबाई में वायाडक्ट एवं 53 मीटर फोरलेन सड़क बनाई जाएगी, जिसे शास्त्री पुल से जोड़ा जाएगा। शास्त्री पुल के निकट होल्डिंग क्षेत्र बनेगा जहां से मेला के दौरान वृद्ध, अशक्त एवं दिव्यांग स्नानार्थी वायाडक्ट पर आ सकेंगे। वायाडक्ट से गंगा के बेड तक पहुंचने के लिए 10 लिफ्ट लगाई जाएगी। स्नानार्थी इन लिफ्टों के जरिए सीधे संगम के पास उतरकर स्नान कर सकेंगे।
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सीएंडडीएस के परियोजना प्रबंधक कमल सिंह के मुताबिक जमीन अधिग्रहण का काम जिला प्रशासन के स्तर से हो रहा है। एडीए, सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी से एनओसी मिल गई है, जबकि पर्यावरण समेत अन्य विभागों से एनओसी मिलना बाकी है। यह सभी औपचारिकताएं जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। बताया कि पुल का निर्माण शुरू होने के बाद काम तेजी से कराया जाएगा। पुल अर्द्धकुंभ तक तैयार कराने का प्रयास किया जाएगा।
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प्रदेश सरकार ने पुल के रूप में इलाहाबादियों को बड़ी सौगात दी है। इसका सबसे ज्यादा फायदा नैनी से झूंसी आने जाने वालों और भारी वाहनों को होगा, क्योंकि अभी तक इन क्षेत्रों के लोगों और भारी वाहनों को नए यमुना ब्रिज से होकर जाना-आना पड़ता है और यह दूरी करीब दस किलोमीटर पड़ती है। पुल बनने के यह दूरी महज तीन किलोमीटर रह जाएगी। वाराणसी से आकर मध्य प्रदेश की ओर जाने वाले वाहनों के कारण फोर्ट रोड, बैरहना में लगने वाले जाम की समस्या भी खत्म होगी।
नया पुल बनाने के साथ झूंसी में हाईवे को छह लेन का किया जाएगा। यह काम लोक निर्माण विभाग कराएगा। दरअसल कुंभ, अर्द्धकुंभ और हर वर्ष लगने वाले माघ मेला के दौरान वाराणसी की ओर से आने वाले भारी वाहनों को अंदावा चौराहा से प्रतिबंधित कर दिया जाता है। यह सड़क छह लेन की होने के बाद अंदावा चौराहा से शास्त्री पुल होकर वाहन निकल सकेंगे। साथ ही शास्त्री पुल के निकट स्थित होल्डिंग क्षेत्र तक श्रद्धालुओं के लिए अलग कॉरीडोर उपलब्ध हो सकेगा।