मनमानी फीस वसूलीः अभिभावकों ने डीएम से मिलकर बताई निजी स्कूलों की मनमानी
- प्रदेश सरकार के आदेश के बाद भी निजी स्कूलों में मनमानी फीस की वसूली जारी
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निजी स्कूलों में मनमानी फीस वसूली को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में अभिभावक, अधिवक्ता जिलाधिकारी से मिले। अभिभावकों ने जिलाधिकारी को बताया कि प्रदेश सरकार के आदेश के बाद भी स्कूल प्रबंधन मनमाने तरीके से बच्चों पर फीस थोप दिए हैं। अभिभावकों का कहना था कि सरकार के निर्देश के बाद भी स्कूलों की ओर से क्रीडा, विज्ञान, कंप्यूटर, लाइब्रेरी, लैब, परीक्षा शुल्क, वार्षिक उत्सव शुल्क एवं परिवहन शुल्क के साथ वार्षिक शुल्क को मुख्य शुल्क से हटाया नहीं गया है। स्कूल वाले कंपोजिट फीस में इन सभी शुल्कों को शामिल कर उसे शिक्षण शुल्क का नाम दे रहे हैं।
जिलाधिकारी से मुलाकार के दौरान अधिवक्ता प्रशांत शुक्ल ने कहा कि स्कूलों से 2017 से 2021 के बीच का फीस का ब्यौरा मांग लिया जाए, सब पता चल जाएगा कि किस प्रकार कंपोजिट फीस के नाम पर अभिभावकों का दोहन किया जा रहा है। अभिभावकों ने बताया कि उनकी ओर से बार-बार आग्रह के बाद भी जिला विद्यालय निरीक्षक स्कूलों के खिलाफ कुछ नहीं कर रहे। अधिवक्ता प्रशांत शुक्ल ने जिलाधिकारी को बताया कि फीस के मामले पर बार-बार मिलने पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा कि फीस नहीं दे सकते तो दूसरे स्कूल में बच्चों को पढ़ाएं।
अभिभावकों ने 2017- 2018 से लेकर 2021-2022 तक फीस का ब्यौरा लेते हुए समस्त निजी स्कूलों का शिक्षण शुल्क निर्धारित करने की मांग की। सरकार के आदेश को नहीं मानने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अभिभावकों ने उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम 2018 की धारा आठ में प्रदत्त जिला शुल्क नियामक समिति प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए शुल्क निर्धारण की मांग की है।
जिला शुल्क नियामक समिति के जिलाधिकारी अध्यक्ष हैं। अभिभावकों ने बताया कि जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री ने आश्वासन दिया कि उक्त आदेश की अवहेलना करने पर ऐसे निजी /स्वतंत्र विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने फीस के मामले में जल्द निर्णय लेने की बात कही। स्कूलों की मनमानी को लेकर डीएम से मिलने वालों में जिला बार के अध्यक्ष राधारमण मिश्र, अधिवक्ता दिलीप कुमार यादव, वरुण कुमार शुक्ल, आमोद त्रिपाठी, जिला बार के पूर्व अध्यक्ष राकेश तिवारी, पूर्व मंत्री जिला बार राकेश कुमार दुबे, जितेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे।