AQI : जहरीली होती जा रही शहर की हवा, तेलियरगंज में एक्यूआई 300, झूंसी की स्थिति और भी चिंताजनक
दीपावली के पहले से ही शहर की आबोहवा लगातार खतरे की घंटी बजा रही थी। नगर निगम की तरफ से किए गए कुछ प्रयासों से स्थिति थोड़ी काबू में आई, लेकिन दीपावली के बाद स्थिति खराब होने की आशंका थी। हुआ भी ऐसा ही, दीपावली के बाद से लगातार वायु प्रदूषण के स्तर पर बढ़ोतरी दर्ज की जाने लगी।
विस्तार
देश की राजधानी दिल्ली ही नहीं, संगमनगरी में भी वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के शहर में तीन सेंटरों में से एक के क्षेत्र का एक्यूआई रेड जोन के करीब पहुंचने को है। शहर के तेलियरगंज इलाके में स्थित एमएनएनआईटी में बने सेंटर ने एक्यूआई 300 दर्ज किया। इसके अलावा नगर निगम और झूंसी की स्थिति भी चिंता जनक है। सिविल लाइंस के नगर निगम सेंटर पर लगी मशीन ने एक्यूआई 221 और झूंसी में 248 दर्ज किया, जो बेहद गंभीर हालत को दर्शाने के लिए पर्याप्त है।
दीपावली के पहले से ही शहर की आबोहवा लगातार खतरे की घंटी बजा रही थी। नगर निगम की तरफ से किए गए कुछ प्रयासों से स्थिति थोड़ी काबू में आई, लेकिन दीपावली के बाद स्थिति खराब होने की आशंका थी। हुआ भी ऐसा ही, दीपावली के बाद से लगातार वायु प्रदूषण के स्तर पर बढ़ोतरी दर्ज की जाने लगी।
पिछले एक सप्ताह से लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है, जो शुक्रवार की शाम तक 300 एक्यूआई तक पहुंच गया। शुक्रवार की सुबह नौ बजे ही तेलियरगंज में लगे सेंसर ने वायु प्रदूषण का आंकड़ा 294 एक्यूआई दर्ज किया। शाम तक यह तीन सौ के पास पहुंच गया। वहीं, नगर निगम में एक्यूआई 233 और झूंसी में यह 259 तक पहुंच गया। दोपहर दो बजे के बाद तेलियरगंज इलाके में प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा। हालांकि, सिविल लाइंस और झूंसी में शाम तक वायु प्रदूषण के स्तर में कुछ अंकों का सुधार हुआ। शाम पांच बजे नगर निगम के पास लगे सेंटर ने एक्यूआई 221 और झूंसी में 248 दर्ज किया।
सर्दियों में ऐसे ही हालात बने रहने की आशंका
प्रयागराज के वातावरण में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को लेकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वातावरण विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुरनजीत प्रसाद बताते हैं कि तापमान में कमी आने पर प्रदूषण का स्तर बढ़ता है। इसके पीछे बड़ा कारण है कि ठंड के मौसम में ऊपर की हल्की हवा वहीं रह जाती है और नीचे की भारी हवा नीचे ही रह जाती है। हालांकि, तापमान में वृद्धि के साथ ही इसमें सुधार दिखाई देने लगता है, क्योंकि नीचे की भारी हवा ऊपर उठकर हल्की हवा में मिल जाती है जिससे प्रदूषण उसमें घुल जाता है। प्रयागराज में प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण वाहनों से निकलने वाला धुआं है। सर्दियों में वाहनों से निकलने वाला धुआं ऊपर नहीं उठ पाता है। ऐसे में जहां सेंसर लगे हैं, प्रदूषण उसी के आसपास फैला रहता है। यही कारण है कि एक्यूआई का स्तर इस प्रकार दिखाई दे रहा है।
23 नवंबर एक्यूआई
मोतीलाल नेहरू एनआईटी 297
नगर निगम 226
झूंसी 235
22 नवंबर एक्यूआई
मोतीलाल नेहरू एनआईटी 201
नगर निगम 171
झूंसी 159
21 नवंबर एक्यूआई
मोतीलाल नेहरू एनआईटी 141
नगर निगम 165
झूंसी 162
20 नवंबर एक्यूआई
मोतीलाल नेहरू एनआईटी 225
नगर निगम 149
झूंसी 166
19 नवंबर एक्यूआई
मोतीलाल नेहरू एनआईटी 231
नगर निगम 148
झूंसी 146
18 नवंबर एक्यूआई
मोतीलाल नेहरू एनआईटी डाटा उपलब्ध नहीं
नगर निगम 109
झूंसी 124