सरकारी नौकरी : अर्हता स्पष्ट न होने के कारण एपीएस, बीईओ, एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती फंसी
यूपीपीएससी को एलटी ग्रेड शिक्षक के 5418 पदों का अधियाचन मिल चुका है। इनमें पुरुष वर्ग के 3341 और महिला वर्ग के 2077 पद हैं। राजकीय इंटर कॉलेजों में ये पद महीनों से रिक्त पड़े हैं और पद खाली होने के कारण स्कूलों में पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
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सरकारी विभागों में हजारों पद खाली पड़े हैं, पर हर जगह भर्ती में अर्हता का अड़ंगा है। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती, प्रवक्ता भर्ती, एपीएस भर्ती, बीईओ भर्ती में अर्हता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं नहीं की गई है, जिसकी वजह से पदों का अधियाचन मिलने के बावजूद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) विज्ञापन जारी नहीं कर पा रहा है।
यूपीपीएससी को एलटी ग्रेड शिक्षक के 5418 पदों का अधियाचन मिल चुका है। इनमें पुरुष वर्ग के 3341 और महिला वर्ग के 2077 पद हैं। राजकीय इंटर कॉलेजों में ये पद महीनों से रिक्त पड़े हैं और पद खाली होने के कारण स्कूलों में पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के कई विषयों में समकक्ष अर्हता का विवाद है। आयोग ने माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को पत्र भेजकर अर्हता संबंधी दिशा-निर्देश मांगे हैं।
इसी तरह राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रवक्ता के भी तकरीबन चार सौ पदों पर भर्ती फंसी है। आयोग को अधियाचन मिल चुका है, लेकिन समकक्ष अर्हता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। बीईओ के भी तकरीबन तीन दर्जन पदों का अधियाचन आयोग को मिल चुका है, लेकिन इसमें भी समकक्ष अर्हता का विवाद है। आयोग ने इन दोनों भर्तियों को भी शुरू करने से पहले संबंधित विभागों को अर्हता स्पष्ट करने के लिए पत्र लिखा है।
वहीं, अपर निजी सचिव (एपीएस) के तीन सौ से अधिक पदों पर भर्ती के लिए आयोग के पास दो साल से अधियाचन पड़ा हुआ है, लेकिन यह भर्ती भी अर्हता के विवाद में फंसी है। पिछले दिनों इन सभी भर्तियों के लिए अभ्यर्थियों ने आयोग में ज्ञापन दिए और विज्ञापन जारी करने की मांग की। अभ्यर्थियों से यही बताया गया कि अर्हता पर स्थिति स्पष्ट होते ही विज्ञापन जारी किया जाएगा।