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जरूरत पड़ने पर बढ़ाई जाएगी प्रवेश के लिए आवेदन की तिथि
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जरूरत पड़ने पर बढ़ेगी प्रवेश की आवेदन तिथि
ऑनलाइन आवेदन में इविवि प्रशासन राहत देने को तैयार
लॉकडाउन के कारण छात्र तिथि बढ़ाने की कर रहे मांग
इविवि एवं संघटक महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। लॉकडाउन के बीच प्रवेश की प्रक्रिया शुरू किए जाने को लेकर विरोध भी हो रहा है। इस विरोध के बाद इविवि प्रशासन ने स्पष्ट किया है की जरूरत पड़ी तो ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई जाएगी।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय और संघटक महाविद्यालयों में ऑनलाइन प्रवेश की प्रक्रिया 25 मार्च से शुरू हो गई है। छात्रनेता इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि देशभर में लॉकडाउन के कारण सभी साइबर कैफे बंद हैं और ऑनलाइन आवेदन करने वाले ज्यादातर छात्र साइबर कैफे पर ही निर्भर होते हैं। छात्रों का कहना है कि साइबर कैफे बंद होने के कारण जो छात्र आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, उनके पास 14 तारीख के बाद केवल 10 दिन का समय शेष रह जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया को भी पूरा करने में थोड़ा वक्त लगता है, क्योंकि शुल्क भी ऑनलाइन ही जमा करना है। इसी आधार पर छात्र मांग कर रहे हैं कि ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 14 अप्रैल के बाद शुरू की जाए।
पिछले साल प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 13 अप्रैल से प्रारंभ हुई थी। छात्र सवाल उठा रहे हैं कि इमरजेंसी की स्थिति में इविवि प्रशासन इतनी जल्दबाजी क्यों दिखा रहा है। उधर, इविवि प्रवेश समिति के निदेशक प्रो. प्रशांत अग्रवाल का कहना है कि परिस्थितियों की समीक्षा के बाद ही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया। आवेदन से संबंधित नोटिस में स्पष्ट कर दिया गया है कि जरूरत पड़ी तो इसकी आखिरी तिथि बढ़ा दी जाएगी। बड़ी संख्या ऐसे छात्रों की भी है जिनके पास अपने घर से ही ऑनलाइन आवेदन की सुविधा है।
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ऐसे छात्र अपने घर से ही कंप्यूटर या मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करते हैं। वैसे भी लॉक डाउन की घोषणा 14 अप्रैल तक के लिए की गई है। जो छात्र 14 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन से वंचित रह जाते हैं, उनके पास भी आवेदन के लिए 10 दिन का अतिरिक्त समय होगा। इसके बाद भी छात्रों की समस्याओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा और जरूरत पड़ी तो आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी जाएगी। इविवि प्रशासन का मानना है कि कोई भी छात्र आवेदन से वंचित ना रहे।
सत्र को पिछड़ने से रोकने की कवायद
- इविवि प्रवेश समिति ने पूर्व में तय किया था कि विवि और संघटक महाविद्यालयों में प्रवेश परीक्षा 12 से 27 मई के बीच करा दी जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन अभी इसी लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहा है। अगर 14 अप्रैल को लॉक डाउन समाप्त हो जाता है और इविवि प्रशासन को इसके बाद भी आवेदन की अंतिम तिथि कुछ दिनों के लिए आगे बढ़ानी पड़ती है तो भी परीक्षा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कराए जाने की पूरी गुंजाइश होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी तय किया था कि जून के आखिरी सप्ताह तक सभी प्रवेश परीक्षाओं के परिणाम जारी करते हुए प्रवेश की प्रक्रिया भी पूर्ण की जाएगी। अगर यह संभव हुआ तो जुलाई से नए सत्र की शुरुआत की जा सकेगी। हालांकि, की इविवि प्रशासन के समक्ष अभी ढेरों चुनौतियां हैं, जिनसे से निपट पाना आसान नहीं है।
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ऑनलाइन आवेदन में इविवि प्रशासन राहत देने को तैयार
लॉकडाउन के कारण छात्र तिथि बढ़ाने की कर रहे मांग
इविवि एवं संघटक महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। लॉकडाउन के बीच प्रवेश की प्रक्रिया शुरू किए जाने को लेकर विरोध भी हो रहा है। इस विरोध के बाद इविवि प्रशासन ने स्पष्ट किया है की जरूरत पड़ी तो ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई जाएगी।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय और संघटक महाविद्यालयों में ऑनलाइन प्रवेश की प्रक्रिया 25 मार्च से शुरू हो गई है। छात्रनेता इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि देशभर में लॉकडाउन के कारण सभी साइबर कैफे बंद हैं और ऑनलाइन आवेदन करने वाले ज्यादातर छात्र साइबर कैफे पर ही निर्भर होते हैं। छात्रों का कहना है कि साइबर कैफे बंद होने के कारण जो छात्र आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, उनके पास 14 तारीख के बाद केवल 10 दिन का समय शेष रह जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया को भी पूरा करने में थोड़ा वक्त लगता है, क्योंकि शुल्क भी ऑनलाइन ही जमा करना है। इसी आधार पर छात्र मांग कर रहे हैं कि ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 14 अप्रैल के बाद शुरू की जाए।
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पिछले साल प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 13 अप्रैल से प्रारंभ हुई थी। छात्र सवाल उठा रहे हैं कि इमरजेंसी की स्थिति में इविवि प्रशासन इतनी जल्दबाजी क्यों दिखा रहा है। उधर, इविवि प्रवेश समिति के निदेशक प्रो. प्रशांत अग्रवाल का कहना है कि परिस्थितियों की समीक्षा के बाद ही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया। आवेदन से संबंधित नोटिस में स्पष्ट कर दिया गया है कि जरूरत पड़ी तो इसकी आखिरी तिथि बढ़ा दी जाएगी। बड़ी संख्या ऐसे छात्रों की भी है जिनके पास अपने घर से ही ऑनलाइन आवेदन की सुविधा है।
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ऐसे छात्र अपने घर से ही कंप्यूटर या मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करते हैं। वैसे भी लॉक डाउन की घोषणा 14 अप्रैल तक के लिए की गई है। जो छात्र 14 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन से वंचित रह जाते हैं, उनके पास भी आवेदन के लिए 10 दिन का अतिरिक्त समय होगा। इसके बाद भी छात्रों की समस्याओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा और जरूरत पड़ी तो आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी जाएगी। इविवि प्रशासन का मानना है कि कोई भी छात्र आवेदन से वंचित ना रहे।
सत्र को पिछड़ने से रोकने की कवायद
- इविवि प्रवेश समिति ने पूर्व में तय किया था कि विवि और संघटक महाविद्यालयों में प्रवेश परीक्षा 12 से 27 मई के बीच करा दी जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन अभी इसी लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहा है। अगर 14 अप्रैल को लॉक डाउन समाप्त हो जाता है और इविवि प्रशासन को इसके बाद भी आवेदन की अंतिम तिथि कुछ दिनों के लिए आगे बढ़ानी पड़ती है तो भी परीक्षा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कराए जाने की पूरी गुंजाइश होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी तय किया था कि जून के आखिरी सप्ताह तक सभी प्रवेश परीक्षाओं के परिणाम जारी करते हुए प्रवेश की प्रक्रिया भी पूर्ण की जाएगी। अगर यह संभव हुआ तो जुलाई से नए सत्र की शुरुआत की जा सकेगी। हालांकि, की इविवि प्रशासन के समक्ष अभी ढेरों चुनौतियां हैं, जिनसे से निपट पाना आसान नहीं है।