{"_id":"57d704104f1c1bb53dd4769f","slug":"anupriya-patel-apna-dal","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस के संरक्षण में पल रहे अपराधी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस के संरक्षण में पल रहे अपराधी
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Tue, 13 Sep 2016 01:19 AM IST
विज्ञापन
political news
अपना दल की नेता, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने प्रदेश सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब केंद्र सरकार के मंत्री के मंत्री के काफिले पर हमला किया जा रहा है और एफआईआर के लिए उन्हें छह घंटे तक धरने पर बैठना पड़ रहा है तो प्रदेश के हालात समझे जा सकते हैं। तत्काल एफआईआर और पुलिस रिस्पांस टाइम घटाने का दावा करने वाले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का दावा खोखला है।
अनुप्रिया ने एक पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदेश में अपराधी पुलिस के संरक्षण में पल रहे हैं। लोगों को समझ में नहीं आ रहा कि कौन सरकार चला रहा है। कहा कि प्रतापगढ़ के रानीगंज के पास उनके काफिले पर अराजक तत्वों ने हमला बोल दिया और कुछ अपराधी किस्म के सपा नेता और उनके साथ मौजूद लोगों ने दल के विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. आरके वर्मा के साथ हाथापाई की और गाड़ियों पर पथराव किया।
वह प्रोटोकाल के तहत प्रतापगढ़ आई थीं, ऐसे में उनके काफिले के सामने बिना अनुमति के सपा नेता कैसे जुलूस निकाल रहे थे। वह पूरा रास्ता जाम किए थे। इसके बाद भी डीएम-एसपी मौके पर नहीं आए। धरने पर बैठने के बाद एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन मिला। लाचार मुख्यमंत्री का अपने अधिकारियों पर नियंत्रण नहीं है। प्रदेश में अगली सरकार भाजपा-अपनादल की बनेगी, तब जाकर जनता को राहत मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अनुप्रिया ने एक पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदेश में अपराधी पुलिस के संरक्षण में पल रहे हैं। लोगों को समझ में नहीं आ रहा कि कौन सरकार चला रहा है। कहा कि प्रतापगढ़ के रानीगंज के पास उनके काफिले पर अराजक तत्वों ने हमला बोल दिया और कुछ अपराधी किस्म के सपा नेता और उनके साथ मौजूद लोगों ने दल के विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. आरके वर्मा के साथ हाथापाई की और गाड़ियों पर पथराव किया।
विज्ञापन
वह प्रोटोकाल के तहत प्रतापगढ़ आई थीं, ऐसे में उनके काफिले के सामने बिना अनुमति के सपा नेता कैसे जुलूस निकाल रहे थे। वह पूरा रास्ता जाम किए थे। इसके बाद भी डीएम-एसपी मौके पर नहीं आए। धरने पर बैठने के बाद एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन मिला। लाचार मुख्यमंत्री का अपने अधिकारियों पर नियंत्रण नहीं है। प्रदेश में अगली सरकार भाजपा-अपनादल की बनेगी, तब जाकर जनता को राहत मिलेगी।
विज्ञापन