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धोखाधड़ी के मामले में समाजसेविका प्रगति चौहौन की अग्रिम जमानत मंजूर
Sat, 19 Jun 2021 10:57 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 19 Jun 2021 10:57 PM IST
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court
- फोटो : अमर उजाला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलीगढ़ की समाज सेविका प्रगति चौहान की धोखाधड़ी के मामले में अग्रिम जमानत मंजूर कर ली है। प्रगति के खिलाफ क्वार्सी थाने में धोखाधड़ी और फर्जी लोक सेवक बनकर काम के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जमानत अर्जी पर न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने सुनवाई की।
याची की ओर से अधिवक्ता तनीशा जहांगीर मुनीर ने पक्ष रखा। अधिवक्ता का कहना था कि याची समाज सेविका हैं। उसके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी से धोखाधड़ी और फर्जी लोक सेवक का कार्य करने के आरोप का खुलासा नहीं होता है। याची ने समाज सेविका होने के नाते उत्साहवर्धन हेतु पत्र जारी किया था न कि प्रशंसा पत्र। चूंकि वह समाजसेवा का काम करती है इसलिए बहुत से लोगों को यह नागवार लगता है।
शिकायतकर्ता को शिकायत करने का कोई अधिकार नहीं है। सरकारी वकील ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता टीबी सेंटर का जिला कार्यक्रम समन्वयक है इसलिए उसे शिकायत करने का पूरा अधिकार है। हालांकि उन्होंने इस बात का विरोध नहीं किया कि याची पर किसी का आर्थिक नुकसान करने का आरोप नहीं है। कोर्ट ने शर्तों के साथ अग्रिम जमानत मंजूर कर ली है।
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याची की ओर से अधिवक्ता तनीशा जहांगीर मुनीर ने पक्ष रखा। अधिवक्ता का कहना था कि याची समाज सेविका हैं। उसके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी से धोखाधड़ी और फर्जी लोक सेवक का कार्य करने के आरोप का खुलासा नहीं होता है। याची ने समाज सेविका होने के नाते उत्साहवर्धन हेतु पत्र जारी किया था न कि प्रशंसा पत्र। चूंकि वह समाजसेवा का काम करती है इसलिए बहुत से लोगों को यह नागवार लगता है।
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शिकायतकर्ता को शिकायत करने का कोई अधिकार नहीं है। सरकारी वकील ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता टीबी सेंटर का जिला कार्यक्रम समन्वयक है इसलिए उसे शिकायत करने का पूरा अधिकार है। हालांकि उन्होंने इस बात का विरोध नहीं किया कि याची पर किसी का आर्थिक नुकसान करने का आरोप नहीं है। कोर्ट ने शर्तों के साथ अग्रिम जमानत मंजूर कर ली है।
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