महाकुंभ 2025 : फाफामऊ से रामघाट के बीच बनेगा कटाव निरोधक क्षेत्र, चौड़ा होगा संगम पथ
महाकुंभ में इस बार 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का योगी सरकार ने अनुमान लगाया है। इस भारी भीड़ के आकलन के आधार पर ही महाकुंभ की परियोजनाएं तैयार की जा रही हैं। इसी क्रम में घाटों पर कटान रोकने और संगम तक पहुंचने वाले मार्गों को चौड़ा करने के साथ ही संपर्क मार्गों के निर्माण की परियोजनाएं तैयार की गई हैं।
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महाकुंभ-2025 में संगम पर सुगम डुबकी के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। देश-दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को परेशानी न हो, इसके लिए संगम पथ को चौड़ा किया जाएगा। फाफामऊ सेतु से लेकर रसूलाबाद घाट घाट-नागवासुकि होते हुए रामघाट तक कटाव निरोधक क्षेत्र बनाया जाएगा, ताकि कुंभ मेला क्षेत्र में कटान और जलभराव की समस्या न उत्पन्न होने पाए। साथ ही घाटों पर स्नान में किसी तरह की दिक्कत न हो।
महाकुंभ में इस बार 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का योगी सरकार ने अनुमान लगाया है। इस भारी भीड़ के आकलन के आधार पर ही महाकुंभ की परियोजनाएं तैयार की जा रही हैं। इसी क्रम में घाटों पर कटान रोकने और संगम तक पहुंचने वाले मार्गों को चौड़ा करने के साथ ही संपर्क मार्गों के निर्माण की परियोजनाएं तैयार की गई हैं।
गंगा के दाहिने किनारे पर स्थित नाग वासुकि मंदिर के पांच सौ मीटर की डाउन स्ट्रीम से दशाश्वमेध घाट, दारागंज तिराहा होते हुए शास्त्री पुल के बीच तक कटाव निरोधक क्षेत्र बनाया जाएगा। इस मार्ग की इंटरलॉकिंग भी कराई जाएगी। 1.70 किमी लंबे इस मार्ग की चौड़ाई बढ़ाकर 18 मीटर की जाएगी, ताकि संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ के प्रवेश को सुगम बनाया जा सके।
इसी तरह रसूलाबाद घाट से चंद्रशेखर आजाद सेतु (फाफामऊ) के नीचे गंगेश्वर मंदिर, अमिताभ बच्चन पुलिया से होकर नागवासुकि संपर्क मार्ग तक कटाव निरोधक क्षेत्र बनाया जाएगा। 7.80 किमी लंबे इस मार्ग की चौड़ाई 10 मीटर होगी। इस मार्ग के निर्माण से लखनऊ, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, रायबरेली की तरफ से आने वाले श्रद्धालुओं को शहरी क्षेत्र के बाहर से ही संगम तक पहुंचने में आसानी होगी।
वहीं, गंगा के बाएं तट पर पूरे सूरदास से पीडब्ल्यूडी स्टोर, ओल्ड जीटी, गरीबदास आश्रम, काली रैंप होते हुए छतनाग तक कटाव निरोधक क्षेत्र बनाया जाएगा। इस मार्ग के निर्माण से पूर्वांचल की भीड़ को नियंत्रित किया जा सकेगा।
महाकुंभ में आने वाली भीड़ के आकलन के आधार पर संगम तक पहुंचने वाले मार्गों की चौड़ाई बढ़ाने के साथ ही कटाव निरोधक क्षेत्र बनाने की परियोजनाएं तैयार की गई हैं। ऐसा होने से संगम तक श्रद्धालुओं को पहुंचने और डुबकी लगाने में आसानी होगी। - सिद्धार्थ कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई कार्य मंडल।