{"_id":"6142095cc0474e463c04c5f6","slug":"answer-summoned-on-filling-the-post-of-consumer-commission-challenge-given-to-conduct-written-examination","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपभोक्ता आयोग के पद भरने पर जवाब तलब, लिखित परीक्षा कराने को दी गई चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपभोक्ता आयोग के पद भरने पर जवाब तलब, लिखित परीक्षा कराने को दी गई चुनौती
Wed, 15 Sep 2021 08:25 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 15 Sep 2021 08:25 PM IST
सार
याची का कहना है कि उपभोक्ता संरक्षण कानून में सरकार को नियम व चयन प्रक्रिया तय करने का अधिकार है। जिसके तहत 2020 की नियमावली तैयार की गई है। नियमावली के तहत उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया निर्धारित है।
विज्ञापन
मुकदमा
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उप सचिव उत्तर प्रदेश प्रशासन से पूछा है कि राज्य व जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति के लिए क्या नियम 6के तहत चयन कमेटी का गठन किया गया है? क्या कमेटी ने आवेदनों की शार्टलिस्टिंग की प्रक्त्रिस्या तय की है और किस प्राधिकारी के कहने पर इस बार लिखित परीक्षा लिए जाने का उपबंध किया गया है?
कोर्ट ने हलफनामा 20 सितंबर तक दाखिल करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एम के गुप्ता तथा न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की खंडपीठ ने अधिवक्ता सीमा मिश्रा की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
याची का कहना है कि उपभोक्ता संरक्षण कानून में सरकार को नियम व चयन प्रक्रिया तय करने का अधिकार है। जिसके तहत 2020 की नियमावली तैयार की गई है। नियमावली के तहत उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्त्रिस्या निर्धारित है। जिसमें लिखित परीक्षा लेने का नियम नहीं है। राज्य सरकार ने 12 मई 21 की अधिसूचना के तहत 23 जून 21 को विज्ञापन निकाला है। चयन समिति में मुख्य न्यायाधीश या नामित हाईकोर्ट जज अध्यक्ष, उपभोक्ता मामलों के सचिव व मुख्य सचिव के नामित दो सदस्य होंगे। आवेदनों की सूची कमेटी को सौंपी जायेगी और कमेटी योग्यता के आधार पर शार्ट लिस्ट करेगी। कोर्ट ने सरकार से जानकारी मांगी थी।
विज्ञापन
उप सचिव ने जो जानकारी दी उसमें मांगी गई कोई जानकारी नहीं है। उठाये सवालों के जवाब नहीं दिए हैं। इस पर कोर्ट ने उप सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर मांगी गई जानकारी देने का निर्देश दिया है। सुनवाई 20 सितंबर को होगी।
विज्ञापन
कोर्ट ने हलफनामा 20 सितंबर तक दाखिल करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एम के गुप्ता तथा न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की खंडपीठ ने अधिवक्ता सीमा मिश्रा की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
विज्ञापन
याची का कहना है कि उपभोक्ता संरक्षण कानून में सरकार को नियम व चयन प्रक्रिया तय करने का अधिकार है। जिसके तहत 2020 की नियमावली तैयार की गई है। नियमावली के तहत उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्त्रिस्या निर्धारित है। जिसमें लिखित परीक्षा लेने का नियम नहीं है। राज्य सरकार ने 12 मई 21 की अधिसूचना के तहत 23 जून 21 को विज्ञापन निकाला है। चयन समिति में मुख्य न्यायाधीश या नामित हाईकोर्ट जज अध्यक्ष, उपभोक्ता मामलों के सचिव व मुख्य सचिव के नामित दो सदस्य होंगे। आवेदनों की सूची कमेटी को सौंपी जायेगी और कमेटी योग्यता के आधार पर शार्ट लिस्ट करेगी। कोर्ट ने सरकार से जानकारी मांगी थी।
विज्ञापन
उप सचिव ने जो जानकारी दी उसमें मांगी गई कोई जानकारी नहीं है। उठाये सवालों के जवाब नहीं दिए हैं। इस पर कोर्ट ने उप सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर मांगी गई जानकारी देने का निर्देश दिया है। सुनवाई 20 सितंबर को होगी।
याची का कहना है कि उपभोक्ता संरक्षण कानून में सरकार को नियम व चयन प्रक्रिया तय करने का अधिकार है। जिसके तहत 2020 की नियमावली तैयार की गई है। नियमावली के तहत उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया निर्धारित है।