फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Anaiarf report raises questions

एनआईआरएफ की रिपोर्ट पर उठे सवाल

Thu, 07 Apr 2016 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 07 Apr 2016 02:12 AM IST
विज्ञापन
Anaiarf report raises questions
Kamlesh Narwana
भारत सरकार की ओर से पहली बार देश भर के सभी विश्वविद्यालयों तथा उच्च शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग की गई है, लेकिन नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) की ओर से जारी सूची और पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। देश के कई प्रतिष्ठित संस्थान टॉप 100 में शामिल नहीं हैं। इनमें कई भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) भी शामिल हैं। जबकि, इन्हें राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया है। कई विश्वविद्यालय के कुलपतियों ने डाटा उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त समय न मिलने की भी शिकायत की है। अब उनकी ओर से एनआईआरएफ को शिकायत भेजने की तैयारी है।
विज्ञापन


एनआईआरएफ की ओर से सोमवार को शिक्षण संस्थानों की सूची जारी की गई थी। इंजीनियरिंग एवं तकनीकी संस्थानों की प्रथम 100 की सूची में ट्रिपलआईटी बंगलूरू, हैदराबाद और इलाहाबाद जैसे संस्थान शामिल नहीं हैं। जबकि, केंद्र सरकार ने इन्हें राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया है। खास यह कि र्जेईई-मेंस के टॉप रैंकर्स इन्हीं संस्थानों को प्राथमिकता देते हैं। इतना ही नहीं ब्रिक्स देशों की रैंकिंग में ट्रिपलआईटी इलाहाबाद का इंटरनेशनल स्तर पर 109वां स्थान था, वहीं भारत में 16वीं रैंक थी।
विज्ञापन


अलग-अलग संस्थानों के सर्वे में भी ट्रिपलआईटी इलाहाबाद टॉप 25 में शामिल रहा। ऐसे में एनआईआरएफ की सूची में इन संस्थानों का न होना चौंकाने वाला है। ट्रिपलआईटी इलाहाबाद के निदेशक प्रोफेसर सोमनाथ का कहना है कि रैंकिंग करने वाली एजेंसी ने कई बिंदुओं को देखा नहीं या डाटा उन्हें उपलब्ध नहीं हो सका। अन्यथा, यह संस्थान कहीं बेहतर स्थान पर होता। इसी तरह से पुणे का सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय, सिम्बॉयोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, भारतीय विद्यापीठ जैसे विश्वविद्यालय देश के टॉप 100 यूनिवर्सिटी में शामिल नहीं हैं। जबकि, इन संस्थानों की देश में खास पहचान है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कई विश्वविद्यालय के कुलपतियों की शिकायत है कि डाटा भेजने के लिए उन्हें पर्याप्त समय नहीं मिला। मात्र दो महीने में रैंक निर्धारित करने पर भी उन्होंने सवाल उठाया है। इसके लिए पहली बार 23 नवंबर को शिक्षण संस्थानों को पत्र लिखकर डाटा मांगा गया था। सात जनवरी को भी एनआईआरएफ की ओर से पत्र लिखकर डाटा मांगा गया। ऐसे में उपलब्ध डाटा के आधार पर मात्र दो से ढाई महीने में ही रैंकिंग तय कर दी गई। ट्रिपलआईटी समेत कई अन्य संस्थानों की ओर से इस बाबत एनआईआरएफ को पत्र लिखा जाएगा और संशोधित सूची जारी करने की मांग की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed