Kashi Tamil Sangamam : तमिल छात्रों ने पूछा- बजरंगबली यहां क्यों लेटे, संगम को बताया अलौकिक, अद्भुत और मनभावन
कुछ ने बताया कि उन्होंने किताबों में पढ़ा है कि प्रयागराज में समुद्र मंथन के दौरान जो अमृत निकला उसकी कुछ बूंदे यहां गिरीं। आज इस धरती पर कदम रखने के बाद ऐसा एहसास हुआ, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
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काशी तमिल संगमम् में शामिल होने तमिलनाडु के विभिन्न शहरों से 200 विद्यार्थी और 16 कोऑर्डिनेटर में अधिकांश ने संगम को अद्भुत, अलौकिक और मनभावन बताया। इस दल में शामिल तमाम छात्र-छात्राएं ऐसे भी रहें जो पहली बार संगम नगरी पहुंचे।
रामनाथपुरम के आर अजमल खां जो इस दल के एकमात्र मुस्लिम छात्र रहे, ने कहा कि यहां जो स्वागत सत्कार हुआ, उसे जीवन भर नहीं भूलूंगा। एग्रीकल्चर की छात्रा जी रेखा ने कहा कि प्रयागराज का दक्षिण भारत में काफी महत्व है। वहां हर एक हिंदू की इच्छा रहती है कि प्रयागराज जाकर संगम स्नान जरूर करें।
समय कम होने की वजह से आज संगम स्नान तो नहीं हुआ लेकिन आचमन जरूर किया गया। उधर लेटे हुए हनुमान जी दर्शन करने के बाद वहां रंझीत, के सेल्वागनपति, धीवगर आर नाम के छात्रों ने वहां मंदिर के पुजारियों से पूछा कि हनुमान जी के लेटने के पीछे की कथा क्या है।
कुछ ने बताया कि उन्होंने किताबों में पढ़ा है कि प्रयागराज में समुद्र मंथन के दौरान जो अमृत निकला उसकी कुछ बूंदे यहां गिरीं। आज इस धरती पर कदम रखने के बाद ऐसा एहसास हुआ, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।